हरियाणा सीएम नायब सैनी ने पेश किया ₹2.23 लाख करोड़ का बजट, जानिए किसे-क्या मिला?

On: March 2, 2026 6:41 PM
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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए “किरत कर, नाम जप, वंड छक” के मंत्र के साथ विकास का खाका सामने रखा। मुख्यमंत्री ने ₹2,23,658.17 करोड़ का कुल बजट प्रस्तावित किया, जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान ₹2,02,816.66 करोड़ से 10.28% अधिक है।

बजट भाषण में वित्तीय अनुशासन पर जोर देते हुए बताया गया कि राजकोषीय घाटा ₹40,293.17 करोड़ रहेगा, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 2.65% है। राजस्व घाटा 0.87%, प्रभावी राजस्व घाटा 0.41%, पूंजीगत व्यय 1.86% और प्रभावी पूंजीगत व्यय 2.32% प्रस्तावित किया गया है।

कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सरकार ने स्पष्ट रूप से प्राथमिकता दिखाई है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के लिए ₹4,609.88 करोड़, बागवानी विभाग के लिए ₹1,176.91 करोड़, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के लिए ₹2,290.57 करोड़ और मत्स्य पालन विभाग के लिए ₹242.41 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। सहकारिता क्षेत्र को ₹1,970 करोड़ आवंटित करने का प्रस्ताव है, जो पिछले वर्ष से 70.36% अधिक है।

सिंचाई क्षेत्र के लिए ₹6,446.57 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि पब्लिक हेल्थ सेक्टर में ₹5,912.02 करोड़ खर्च किए जाएंगे। शिक्षा क्षेत्र में मौलिक शिक्षा विभाग को ₹10,855.48 करोड़, सेकेंडरी शिक्षा को ₹7,862.41 करोड़ और उच्चतर शिक्षा विभाग को ₹4,197.38 करोड़ देने का प्रस्ताव है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, आयुष, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और ईएसआई की योजनाओं के लिए ₹14,007.29 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2025-26 के मुकाबले 32.89% अधिक है।

खेल एवं युवा सशक्तिकरण के लिए ₹2,200.63 करोड़, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के लिए ₹1,950.92 करोड़ और श्रम विभाग के लिए ₹91.80 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। ऊर्जा विभाग को ₹6,868 करोड़ और लोक निर्माण (भवन व सड़कें) को ₹5,893.66 करोड़ दिए जाएंगे।

नागरिक उड्डयन विभाग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करते हुए ₹573.34 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 86.91% अधिक है। पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास के लिए ₹8,703.75 करोड़ और शहरी स्थानीय निकायों के लिए ₹6,240.97 करोड़ का प्रस्ताव है।

पर्यटन एवं विरासत क्षेत्र में ₹380.80 करोड़, पर्यावरण एवं वन विभाग के लिए ₹741.55 करोड़ और गृह विभाग के लिए ₹8,475.01 करोड़ प्रस्तावित हैं। समाज कल्याण विभाग को ₹17,250.72 करोड़ और महिला एवं बाल विकास विभाग को ₹2,263.29 करोड़ आवंटित करने की घोषणा की गई है।

मुख्यमंत्री ने राजस्व संग्रह में सुधार की उम्मीद जताते हुए वर्ष 2026-27 के लिए ₹77,950 करोड़ का कर राजस्व लक्ष्य प्रस्तावित किया है, जो पिछले वर्ष से 13.24% अधिक है।

यह बजट कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर विशेष फोकस के साथ संतुलित विकास का संकेत देता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बजट घोषणाओं को जमीन पर किस गति से लागू किया जाता है और इसका आम जनता पर क्या प्रभाव पड़ता है।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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