हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के तुरंत बाद सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फैसले को सियासी घटनाक्रम से जोड़कर भी देखा जा रहा है, क्योंकि चुनाव के महज दो दिन बाद ही यह ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने और विभागों में बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए उठाया गया है।
इस सूची में कई बड़े और प्रभावशाली अधिकारियों के विभागों में बदलाव किया गया है। राजा शेखर वुंद्रू को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से हटाकर अब मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाया गया है, जबकि परिवहन विभाग का चार्ज उनके पास पहले की तरह बना रहेगा।
वहीं ए के सिंह को भी बड़ा बदलाव झेलना पड़ा है। लंबे समय से टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग संभाल रहे ए के सिंह को अब उच्च शिक्षा और लोक निर्माण (B&R) एवं वास्तुकला विभाग में भेज दिया गया है। इसे प्रशासनिक हलकों में एक अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
साकेत कुमार बने ‘पावरफुल’, कई अहम विभागों की जिम्मेदारी
इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा साकेत कुमार की हो रही है, जिनकी ताकत और बढ़ती नजर आ रही है। उनका मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव का पद बरकरार रखा गया है, साथ ही उन्हें सहकारिता विभाग का आयुक्त एवं सचिव भी बनाया गया है। इससे उनकी प्रशासनिक पकड़ और मजबूत मानी जा रही है।
बड़े स्तर पर बदले गए विभाग
ट्रांसफर लिस्ट में कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अनुराग अग्रवाल को पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग से हटाकर नगर एवं देशी नियोजन तथा शहरी सम्पदा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं विजयेन्द्र कुमार को सहकारिता विभाग से हटाकर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में भेजा गया है।
पंकज अग्रवाल को कृषि विभाग से हटाकर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। विजय सिंह दहिया को स्कूल शिक्षा विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है, जबकि पशुपालन और खेल विभाग उनके पास बने रहेंगे।
जिलों और प्राधिकरणों में भी बदलाव
फेरबदल का असर जिला स्तर और प्रमुख प्राधिकरणों पर भी पड़ा है। फूल चंद मीणा को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण से हटाकर फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण का सीईओ बनाया गया है।
सुशील सरवान को सोनीपत के उपायुक्त पद से हटाकर हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम और हरियाणा वित्तीय निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि नेहा सिंह को सोनीपत का नया उपायुक्त नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा कई विभागों में नए निदेशक और प्रबंध निदेशक भी नियुक्त किए गए हैं, जिससे प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव देखने को मिला है।
तुरंत लागू हुए आदेश, अधिकारियों को जॉइनिंग के निर्देश
राज्यपाल के आदेशानुसार ये सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने नए पदों पर जल्द से जल्द कार्यभार संभालें, ताकि प्रशासनिक कामकाज में कोई बाधा न आए।
चुनाव के बाद बदलाव से बढ़ी सियासी हलचल
राज्यसभा चुनाव के बाद हुए इस बड़े फेरबदल को राजनीतिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर यह बदलाव जहां कामकाज को गति देने के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं सियासी गलियारों में इसके मायने और संकेत तलाशे जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, हरियाणा में यह ट्रांसफर लिस्ट न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करेगी, बल्कि आने वाले समय में इसके सियासी असर भी देखने को मिल सकते हैं।












