Haryana News: हरियाणा के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ और विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचन्द गहलोत का शनिवार को निधन हो गया। वे गुरुग्राम में निवास करते थे। उनके निधन से राज्य की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।
लंबे समय तक हरियाणा की राजनीति में सक्रिय रहे गहलोत गुरुग्राम क्षेत्र से विधायक रह चुके थे। उन्होंने एक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी चुनाव जीतकर विधानसभा में जगह बनाई थी। वे इनेलो में वरिष्ठ नेता के रूप में लंबे समय तक जुड़े रहे और बाद में बीजेपी में शामिल हो गए थे।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि गोपीचंद गहलोत का निधन अत्यंत दुखद है और उनका विनम्र स्वभाव तथा जनहित के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को संबल देने की प्रार्थना की।
गोपीचंद गहलोत ने हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विभिन्न चुनावों में सक्रिय भागीदारी निभाई। वे अपनी सादगी और जनसेवा के लिए जाने जाते थे। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और उनके सहयोगियों ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है।
राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे। वर्ष 1991 में भाजपा से बगावत कर उन्होंने गुड़गांव सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा। शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिली, लेकिन वर्ष 2000 के चुनाव में उन्होंने दिग्गज नेता धर्मबीर गाबा को हराकर जीत हासिल की।
उसी दौरान प्रदेश की 11 सीटों पर निर्दलीय विधायकों का प्रभाव रहा, जिसके चलते चौटाला सरकार ने उनकी अहम भूमिका को देखते हुए उन्हें डिप्टी स्पीकर पद की जिम्मेदारी सौंपी थी।













