क्या आपको भी चाहिए मुफ्त वकील? सुप्रीम कोर्ट तक ये सुविधा, जानें अप्लाई का तरीका

On: October 13, 2026 6:56 PM
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How to get a free lawyer : क्या आप भी किसी कानूनी मुसीबत में फंसे हैं और पैसों की कमी के कारण वकील नहीं कर पा रहे. परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) में आवेदन कर मुफ्त कानूनी सहायता पा सकते हैं. आइये फरीदाबाद के एडवोकेट मोहन तिवारी से जानते हैं इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और हेल्पलाइन नंबर की पूरी जानकारी. लोकल 18 से एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि फ्री वकील की यह सुविधा जिला स्तर के साथ-साथ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी उपलब्ध है. आवेदन पर कार्रवाई करने में लगने वाला समय मामले की गंभीरता और जरूरत पर निर्भर करता है.

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फरीदाबाद. कई बार आम आदमी ऐसी कानूनी परेशानी में फंस जाता है और उसके पास वकील की फीस देने के पैसे भी नहीं होते. ऐसे में लोग समझ नहीं पाते कि अपने मामले की पैरवी कैसे करें और न्याय पाने के लिए कहां जाएं. अगर आप भी पैसों की कमी के कारण वकील नहीं कर पा रहे हैं, तो मुफ्त कानूनी सहायता का विकल्प मौजूद है. इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण यानी DLSA में आवेदन किया जा सकता है. यहां पात्र लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है. इसके लिए कुछ जरूरी दस्तावेज देने होते हैं.  लोकल 18 से फरीदाबाद सेक्टर-12 कोर्ट के एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति अपनी आर्थिक स्थिति के कारण वकील करने में सक्षम नहीं है, तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन कर सकता है. इसके लिए संबंधित प्राधिकरण के सचिव के नाम पर आवेदन देना होता है. यह सुविधा जिला स्तर के साथ-साथ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी उपलब्ध है.

कागज क्या-क्या लगेगा

एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि मुफ्त कानूनी सहायता के लिए जरूरी दस्तावेज व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करते हैं. अगर कोई दिव्यांग है, तो उसे दिव्यांगता प्रमाण पत्र देना पड़ सकता है. गरीबी रेखा से नीचे आने वाले व्यक्ति को इससे संबंधित प्रमाण पत्र देना होगा. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को जाति प्रमाण पत्र देना पड़ सकता है. आर्थिक स्थिति साबित करने के लिए आय प्रमाण पत्र या शपथ पत्र जैसे दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं. वकील मोहन तिवारी के मुताबिक आवेदन पर कार्रवाई करने में लगने वाला समय मामले की गंभीरता और जरूरत पर निर्भर करता है. अगर कोई व्यक्ति जेल में है और उसे जमानत के लिए कानूनी सहायता चाहिए, तो मामले की तत्काल जरूरत को देखते हुए कार्रवाई की जा सकती है. इसमें 15 दिन, 20 दिन या एक महीने तक का समय लग सकता है. हालांकि, यह समय हर मामले में एक जैसा नहीं होता. अगर किसी ने ऑनलाइन आवेदन किया है, तो वह संबंधित कार्यालय में जाकर भी अपनी परेशानी बता सकता है.

कुछ न सूझे तो इस नंबर पर लगाएं फोन

एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि मुफ्त कानूनी सहायता के तहत नियुक्त वकील को भी मामले की पैरवी करने के लिए जरूरी कानूनी अधिकार मिलते हैं. वह अदालत में संबंधित व्यक्ति का पक्ष रखता है. हालांकि, मामले में कितनी मेहनत और तैयारी की जाती है, यह संबंधित वकील के काम पर निर्भर करता है. अगर किसी पात्र व्यक्ति को मुफ्त कानूनी सहायता मिलने में परेशानी हो रही है, तो वह राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण यानी NALSA से संपर्क कर सकता है. इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क करके अपनी समस्या बताई जा सकती है. इससे संबंधित व्यक्ति को कानूनी सहायता पाने का रास्ता समझने में मदद मिल सकती है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

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वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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