इमरर्जेंसी रेस्पॉन्स में चंडीगढ़ पुलिस नंबर 2 पर, हिमाचल में सबसे तेज काम करता है 112

On: October 11, 2026 4:16 AM
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Haryana News: केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक सर्वे के मुताबिक, 112 पर पुलिस को कॉल करने पर चंडीगढ़ पुलिस का तेजी से रिएक्शन देश में दूसरे नंबर पर है। चंडीगढ़ में आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) के वाहन सितंबर में औसतन 4 मिनट 28 सेकंड में घटनास्थल पर पहुंचे। इस प्रदर्शन के साथ चंडीगढ़ देश में दूसरे स्थान पर रहा। हिमाचल प्रदेश 4 मिनट 4 सेकंड के औसत प्रतिक्रिया समय के साथ पहले स्थान पर रहा।

साल 2023 से 2026 तक का सफर

चंडीगढ़ में साल 2022 में औसत प्रतिक्रिया समय 7 मिनट 5 सेकंड था। वर्ष 2026 में सितंबर तक यह घटकर 4 मिनट 32 सेकंड रह गया। इस तरह, इसमें करीब 36 प्रतिशत की कमी आई। हालांकि, वर्ष 2023 में औसत समय बढ़कर 7 मिनट 12 सेकंड हो गया था। इसके बाद इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गई। सितंबर 2026 में औसत प्रतिक्रिया समय 4 मिनट 28 सेकंड रहा। यह पूरे वर्ष में सितंबर तक के औसत से चार सेकंड कम था। केंद्रीय गृह मंत्रालय के जनवरी से जुलाई 2025 तक के आंकड़ों में चंडीगढ़ 5.6 मिनट के औसत प्रतिक्रिया समय के साथ देश में पहले स्थान पर था। उस अवधि में उत्तर प्रदेश का औसत समय 6.83 मिनट था।

चार साल में कितना समय घटा?

चंडीगढ़ पुलिस की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में आपातकालीन कॉल पर पुलिस की प्रतिक्रिया के औसत समय में सुधार हुआ है।

2022: 7 मिनट 5 सेकंड
2023: 7 मिनट 12 सेकंड
2024: 6 मिनट 27 सेकंड
2025: 5 मिनट 25 सेकंड

रोजाना 300 से ज्यादा कॉल

साल 2022 से सितंबर 2026 तक चंडीगढ़ के 112 पर कुल 13,97,336 कॉल मिलीं। इनमें से 4,73,901 कॉल पर कार्रवाई की जरूरत पड़ी।

क्या है 112 नंबर?

देशभर में 112 एकीकृत आपातकालीन सहायता नंबर है। इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुरू किया था। इसके जरिए लोग पुलिस, अग्निशमन और स्वास्थ्य सेवाओं से आपातकालीन सहायता मांग सकते हैं। जब कोई व्यक्ति 112 पर कॉल करता है, तो कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी उसकी सूचना लेते हैं। घटना के स्थान और प्रकृति के आधार पर संबंधित टीम को भेजा जाता है। चंडीगढ़ में कंप्यूटर आधारित डिस्पैच प्रणाली की मदद से घटनास्थल के सबसे नजदीक तैनात पीसीआर वाहन को भेजा जाता है। वाहनों में लगे जीपीएस और मोबाइल डेटा टर्मिनल के जरिए कंट्रोल रूम उनकी लोकेशन पर नजर रखता है। जरूरत पड़ने पर पुलिसकर्मियों को घटनास्थल तक पहुंचने के लिए मार्गदर्शन भी दिया जाता है।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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