घर की बुकिंग से पहले न करें ये गलती, पजेशन से लेकर रिफंड तक इन शर्तों को जरूर पढ़ें

On: October 14, 2026 7:08 AM
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फरीदाबाद: अपना घर खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन बिल्डर के साथ एग्रीमेंट करते समय छोटी सी लापरवाही भी बाद में बड़ी परेशानी बन सकती है. कई बार खरीदार को घर मिलने की तारीख, भुगतान, मेंटेनेंस चार्ज और कैंसिलेशन की शर्तों की सही जानकारी नहीं होती. ऐसे में एग्रीमेंट साइन करने से पहले उसकी हर शर्त को ध्यान से पढ़ना जरूरी है.

बिल्डर एग्रीमेंट में किन शर्तों को देखना जरूरी

Local18 से बातचीत में फरीदाबाद सेक्टर -12 कोर्ट की एडवोकेट कविता वर्मा बताती बिल्डर एग्रीमेंट साइन करने से पहले चार बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए. पहली बात यह है कि कितने प्रतिशत भुगतान के बाद बिल्डर क्या वादे कर रहा है. दूसरी बात यह है कि उन वादों को कब तक पूरा किया जाएगा. तीसरी बात निर्माण पूरा होने और पजेशन मिलने की तारीख है. चौथी बात यह है कि मेंटेनेंस चार्ज कब से और किस आधार पर लिया जाएगा. इन सभी शर्तों का एग्रीमेंट में लिखित होना जरूरी है.

खरीदार के खिलाफ शर्तों को कैसे पहचानें

कविता वर्मा बताती हैं कि एग्रीमेंट में सबसे पहले यह देखना चाहिए कि शुरुआत में कितनी पेमेंट देनी है और बाद में कितना भुगतान करना होगा. इसके साथ पजेशन मिलने की तारीख और मेंटेनेंस चार्ज की शर्तें भी स्पष्ट होनी चाहिए. अगर एग्रीमेंट कैंसल होता है, तो खरीदार को कितनी रकम वापस मिलेगी और बिल्डर की तरफ से कैंसिलेशन होने पर क्या मुआवजा मिलेगा, इसका भी स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए.

घर मिलने की तारीख लिखना क्यों जरूरी है

कविता वर्मा बताती हैं कि एग्रीमेंट में पजेशन की तारीख सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक है. अगर घर सौंपने की समय सीमा ही तय नहीं होगी, तो खरीदार के लिए अपने अधिकारों का दावा करना मुश्किल हो सकता है. इसलिए एग्रीमेंट में निर्माण पूरा करने और घर का पजेशन देने की तारीख स्पष्ट रूप से लिखवानी चाहिए.

देरी होने पर खरीदार क्या कानूनी कदम उठाए

कविता वर्मा बताती हैं कि बिल्डर तय समय पर घर का पजेशन नहीं देता है, तो खरीदार कानूनी नोटिस भेज सकता है. मामले के तथ्यों के आधार पर संबंधित प्राधिकरण या अदालत में शिकायत भी की जा सकती है. इसके लिए एग्रीमेंट और भुगतान से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखना जरूरी है.

रिफंड और छिपे हुए चार्ज से कैसे बचें

कविता वर्मा बताती हैं कि रिफंड और कैंसिलेशन की शर्तें एग्रीमेंट में स्पष्ट होनी चाहिए. इसमें यह लिखा होना चाहिए कि एग्रीमेंट रद्द होने पर कितनी रकम वापस मिलेगी और कितनी कटौती होगी. इसके अलावा क्लब, पार्किंग और दूसरी सुविधाओं के लिए लगने वाले शुल्क की जानकारी भी पहले लेनी चाहिए. किसी भी अतिरिक्त चार्ज को समझे बिना एग्रीमेंट साइन नहीं करना चाहिए, ताकि बाद में बजट से ज्यादा भुगतान करने की परेशानी न हो.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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