50 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में शिक्षा विभाग का अधिकारी गिरफ्तार, विभाग ने अधिकारियों ने टेंडर के बदले मांगी थी मोटी रकम

On: March 26, 2026 6:30 AM
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रिश्वत

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की नगर कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के एक अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि फर्नीचर सप्लाई के टेंडर के बदले लाखों रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत के बाद जांच में मामला सही मिलने पर आरोपी को उसके कार्यालय से ही दबोच लिया गया।

गोंडा जिले के पुलिस अधीक्षक विनीत जयसवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली नगर पुलिस ने रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच के बाद की गई है। दरअसल अपर सत्र न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट गोरखपुर के आदेश पर नगर कोतवाली में 4 नवंबर 2025 को दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता मनोज पांडेय ने आरोप लगाया था कि बेसिक शिक्षा विभाग में फर्नीचर सप्लाई के लिए उनकी फर्म का चयन जीईएम पोर्टल के माध्यम से हुआ था।

काम दिलाने के नाम पर विभाग के अधिकारियों ने मांगी 50 लाख की रिश्वत

आरोप है कि इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने काम दिलाने के नाम पर करीब 50 लाख रुपये की अवैध मांग की। इसमें बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी, डीसी (जीईएम) प्रेम शंकर मिश्र और डीसी (निर्माण) विद्याभूषण मिश्रा के नाम सामने आए। शिकायतकर्ता का कहना था कि उन्होंने दबाव में आकर कुछ रकम दे भी दी। लेकिन इसके बाद भी लगातार पैसे की मांग की जाती रही।

रिश्वत न देने पर टेंडर निरस्त करने और फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की दी गई धमकी

पैसे न देने पर टेंडर निरस्त कराने और फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की धमकी दी गई। आरोप यह भी है कि बाद में कुछ रकम वापस कर दी गई। लेकिन बाकी धनराशि नहीं लौटाई गई। साथ ही शिकायतकर्ता के साथ अभद्र व्यवहार कर मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया गया। अंततः उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया गया।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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