- बीमा क्लेम और मुआवजे में गड़बड़ी पर भड़के, मांगों को पूरा न करने पर दी आंदोलन की चेतावनी
Farmers Protest(मेरा हरियाणा नेटवर्क )सिरसा। किसानों और मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख की अध्यक्षता में वीरवार को किसानों ने उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर 401 दिनों तक शांतिपूर्ण चले किसान आंदोलन को 19 मार्च 2025 को पंजाब सरकार ने जबरन खत्म करवाया और इस दौरान किसानों के ट्रैक्टर-ट्रालियों सहित सामान को नुकसान पहुंचाया गया। किसानों का कहना है कि आज तक उनका सामान न तो वापस किया गया है और न ही किसी प्रकार की भरपाई की गई है।
किसानों ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कई अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कंपनियों द्वारा की जा रही कथित गड़बड़ियों को दूर करने की मांग की। साथ ही मंडियों में फसल बेचने के दौरान किसानों की बायोमेट्रिक पहचान और ट्रैक्टर की फोटो अनिवार्य करने के आदेश को वापस लेने की मांग भी की गई। औलख ने आरोप लगाया कि धान खरीद, बाजरा भावांतर योजना और नरमा खरीद में बड़े स्तर पर घोटाले हुए हैं, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई करने की बजाय सरकार किसानों पर नए नियम थोप रही है। उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग के दौरान गांव को इकाई मानने के बजाय व्यक्तिगत किसान को इकाई बनाया जाए, ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन कर बीमा क्लेम दिया जा सके।
बीमा क्लेम में भारी अनियमितताएं हुई
औलख ने कहा कि खरीफ 2025 में भारी बारिश, जलभराव और बाढ़ के कारण सिरसा जिले में बड़े पैमाने पर फसलों का नुकसान हुआ था। इसके बाद मुआवजा और बीमा क्लेम में भारी अनियमितताएं हुई हैं। कई गांवों को न तो मुआवजा मिला और न ही बीमा क्लेम। इसके अलावा कई किसानों का पूरा प्रीमियम काट लिया गया, लेकिन क्लेम केवल 1-2 एकड़ का ही दिया गया।
बीमा कंपनियों ने प्रीमियम वापस कर दिया
किसानों ने कहा कि कई मामलों में बीमा कंपनियों ने क्लेम देने के बजाय महीनों बाद प्रीमियम वापस कर दिया, जबकि कुछ किसानों को न क्लेम मिला और न ही प्रीमियम लौटाया गया। उन्होंने मांग की कि किसानों से दोबारा प्रीमियम लेकर उन्हें उनका उचित बीमा क्लेम दिया जाए।
नहर निर्माण का मुद्दा उठाया
इसके अलावा किसानों ने बैंक द्वारा बिना अनुमति के फसल बीमा प्रीमियम काटे जाने पर भी आपत्ति जताई और इसे तुरंत बंद करने की मांग की। नहरों में पानी की अनियमित आपूर्ति, घग्गर ड्रेन से होने वाली बर्बादी, और ओटू हेड पर नहर निर्माण जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।













