हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ क्षेत्र में होली के दिन 8 वर्षीय बच्चे के अपहरण के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रही Special Task Force Haryana ने बताया कि इस वारदात के पीछे एक अंतरराष्ट्रीय पैरा जूडो खिलाड़ी का हाथ है।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी खिलाड़ी Monu ने अपने साले Manish और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर 8 वर्षीय बच्चे Hunarjit का अपहरण किया था। आरोपियों ने बच्चे को छोड़ने के बदले 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी।
होली खेलते समय किया अपहरण
पुलिस के मुताबिक 4 मार्च को झज्जर के बरानी गांव में बच्चा Hunarjit अपने घर के पास गली में होली खेल रहा था। इसी दौरान सफेद स्कॉर्पियो गाड़ी में आए आरोपियों ने उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर अगवा कर लिया और मौके से फरार हो गए।
घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक आरोपी बच्चे को लेकर निकल चुके थे।
20 दिन पहले रची थी पूरी साजिश
इस मामले में जानकारी देते हुए Vikrant Bhushan ने बताया कि आरोपी मनीष झज्जर के बरानी गांव का रहने वाला है और वह बच्चे के पिता के पास गौशाला में काम करता था।
यहीं काम करते हुए उसने परिवार और बच्चे की पूरी जानकारी जुटाई। इसके बाद मनीष और उसके जीजा मोनू ने करीब 20 दिन पहले अपहरण की साजिश रची।
योजना के तहत आरोपियों ने बच्चे को अगवा किया और फिरौती की रकम मिलने के बाद उसे रोहतक इलाके में छोड़ दिया।
दो आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोनू और मनीष को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उनके दो अन्य साथी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए झज्जर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूरे मामले की गहन पूछताछ करेगी।
खेल की दुनिया छोड़ अपराध की राह
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मोनू एक बेहतरीन पैरा जूडो खिलाड़ी रह चुका है। उसने नेशनल पैरा जूडो गेम्स सहित विदेशों में भी कई प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए थे।
वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं जैसे वर्ल्ड पैरा जूडो गेम्स, पैरा कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है।
पुलिस के अनुसार, जल्दी अमीर बनने की चाहत में आरोपी ने खेल की दुनिया छोड़कर अपराध का रास्ता चुन लिया।
सीसीटीवी फुटेज से मिली अहम जानकारी
अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी थी। संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन की पहचान के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गईं और इलाके में नाकाबंदी कर जांच शुरू की गई।
पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।











