Haryana News: हरियाणा में करीब 750 करोड़ रुपये के बैंक घोटालों के सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार की जांच को तेज करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को मजबूत करते हुए इसमें दो आईपीएस और पांच एचपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है।
आईपीएस अधिकारियों में एसपी एसटीएफ वसीम अकरम और एसपी सीआईडी उपासना को ब्यूरो में सेवाएं देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं एचपीएस अधिकारियों में डीएसपी स्टेट क्राइम ब्यूरो अरविंद दहिया, एसीपी सोनीपत राहुल देव, डीएसपी द्वितीय आईआरबी भोंडसी मनीष सहगल, एसीपी गुरुग्राम प्रियांशु दीवान और एसीपी गुरुग्राम अभिलक्ष जोशी को भी इस टीम में शामिल किया गया है।
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने सोमवार को इन सभी अधिकारियों को एसीबी में अटैच करने के आदेश जारी कर दिए हैं। वर्तमान में ब्यूरो द्वारा मुख्य रूप से आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़े घोटालों की जांच की जा रही है, जिनमें कई वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं।
इसके अलावा कई विभागीय अधिकारियों के खिलाफ भी शिकायतों की जांच जारी है। भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एसीबी को मजबूत किया गया है, ताकि जांच में तेजी लाई जा सके।












