हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत कार्यरत हजारों कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नई नीति के अनुसार, अब इन कर्मचारियों को उनकी नियुक्ति पत्र में यह स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि उन्हें भारत में कहीं भी तैनात किया जा सकता है और उन्हें इसके लिए तैयार रहना होगा।
नियुक्ति की नई शर्तें
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक:
कहीं भी तैनाती: कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र में अब यह शर्त स्पष्ट रूप से अंकित की जाएगी कि उनकी सेवाएं देश के किसी भी हिस्से में उपयोग की जा सकती हैं।
सेवा काल: कर्मचारी का सेवा काल उसकी नियुक्ति की तारीख से ही शुरू माना जाएगा।
विभागीय समायोजन: यदि किसी विभाग विशेष में कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं रह जाती है, तो वित्त विभाग की मंजूरी के बाद उन्हें किसी अन्य विभाग में समायोजित (Adjust) किया जा सकेगा।
नौकरी छोड़ने की प्रक्रिया और अनुशासनात्मक कार्रवाई
नोटिस पीरियड: यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ना चाहता है, तो उसे कम से कम एक महीने का पूर्व नोटिस देना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर उसे एक महीने के वेतन के बराबर जुर्माना देना होगा।
दस्तावेजों में कमी: यदि किसी कर्मचारी के मुख्य दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी या कमी पाई जाती है, तो उसे तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटाया जा सकेगा।
अनुशासन: HKRN के कर्मचारियों के साथ अब नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकेगी। हालाँकि, कर्मचारी अपने खिलाफ किसी भी कार्रवाई के विरोध में प्रशासनिक सचिव के पास अपील दायर कर सकेंगे।
कर्मचारी संगठन ने उठाए सवाल
इस नई नीति पर कर्मचारी संगठनों ने सवाल उठाए हैं। सांझा मोर्चा हरियाणा रोडवेज के प्रवक्ता सुधीर अहलावत ने कहा, “क्या यह अस्थायी रोजगार वास्तव में रोजगार की गारंटी है? अगर सरकार युवाओं को रोजगार की सच्ची गारंटी देना चाहती है, तो उसे स्थायी भर्तीप्रक्रिया शुरू करनी चाहिए, न कि ऐसी शर्तों के साथ अस्थायी नियुक्तियां देनी चाहिए।”
यह निर्णय HKRN के तहत काम कर रहे हजारों युवाओं के भविष्य को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा और उनकी नौकरी की सुरक्षा तथा स्थानांतरण की अनिश्चितता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।













