हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज आज सोमवार को कुरुक्षेत्र में एक अनोखे अनुभव से गुजरे। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (IGM) के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह सड़क किनारे खड़े होकर यूनिवर्सिटी जाने के लिए गाड़ियों से लिफ्ट मांगते नजर आए, लेकिन लंबे समय तक किसी ने उनके लिए गाड़ी नहीं रोकी। यह मामला तब का है जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का काफिला उन्हें वहीं छोड़कर चला गया।
क्या हुआ था पूरा मामला?
दरअसल, अनिल विज अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ करने कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। ब्रह्मसरोवर पर राजनाथ सिंह के पूजा-अर्चना करने और कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद, वह कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के लिए रवाना हो गए। इस दौरान, उनका काफिला मंत्री अनिल विज को वहीं छोड़ गया।
इसके बाद, अनिल विज कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) के कार्यालय के बाहर खड़े होकर यूनिवर्सिटी जाने के लिए गुजर रही गाड़ियों को रोकने का प्रयास करते रहे। वह लगातार गाड़ियों को हाथ दिखा रहे थे, लेकिन हैरानी की बात है कि किसी ने भी उनके लिए गाड़ी नहीं रोकी। इस दौरान कुरुक्षेत्र लोकसभा सांसद नवीन जिंदल का स्टाफ भी उनके लिए गाड़ी रुकवाने की कोशिश करता रहा।
आखिरकार कैसे मिली लिफ्ट?
काफी देर तक गाड़ी न मिलने पर अनिल विज निराश और कुछ हद तक नाराज भी दिखे। आखिरकार, जब एक गाड़ी रुकी तो उसमें बैठे व्यक्ति ने पिछली सीट पर आने का इशारा किया। हालांकि, इसके तुरंत बाद सांसद नवीन जिंदल के स्टाफ ने उनके अपने काफिले की एक गाड़ी रुकवाई। इस गाड़ी में अगली सीट पर बैठे व्यक्ति ने अपनी सीट खाली की और मंत्री अनिल विज को उसमें बैठाया गया। इस तरह वह कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी पहुंच सके।
यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें एक वरिष्ठ मंत्री का सार्वजनिक स्थान पर लिफ्ट के लिए प्रयास करना लोगों के लिए एक अप्रत्याशित दृश्य है। इस घटना ने मंत्रियों की सुरक्षा और यात्रा प्रबंधन पर भी सवाल खड़े किए हैं।













