हरियाणा में 3 अक्टूबर से केंद्र सरकार के तीनों नए क्रिमिनल लॉ पूरी तरह लागू हो जाएंगे। इसकी शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कुरुक्षेत्र से करेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 16 सितंबर को प्रदेशभर के अधिकारियों के साथ अहम बैठक बुलाई है, जिसमें नए कानूनों को लेकर अब तक की तैयारियों पर चर्चा होगी। यह बैठक हरियाणा सिविल सचिवालय में होगी।
पुलिस और गृह विभाग की तैयारी पूरी
हरियाणा पुलिस और गृह विभाग ने तीनों नए कानूनों को लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है। प्रदेश के सभी पुलिस थानों को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) से जोड़ा जा चुका है और अब FIR भी इसी सिस्टम पर दर्ज हो रही हैं।
2024 में अपराध में 14.62% की कमी
नए कानून लागू होने के बाद 2024 में हरियाणा में 1,36,269 मुकदमे दर्ज हुए, जो 2023 की तुलना में 16,216 कम हैं। इससे प्रदेश में आपराधिक घटनाओं में 14.62% की कमी दर्ज की गई है।
इन तीन नए कानूनों में –
भारतीय न्याय संहिता (BNS)
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)
भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) शामिल हैं।
इन कानूनों के लागू होने से FIR दर्ज करने, जांच रिपोर्ट पेश करने, कोर्ट सुनवाई और फैसले की तय अवधि में पीड़ितों को पहले से तेज न्याय मिलेगा।
महिलाओं की सुरक्षा को मिले नए अधिकार
2024 में हरियाणा में दर्ज हुए मामलों के अनुसार –
1431 रेप केस
112 रेप की कोशिश
1431 छेड़खानी की शिकायतें दर्ज की गईं।
अब कानून के तहत रेप या छेड़खानी की पीड़िता की सहमति से पुलिस घर जाकर बयान दर्ज करती है। इसके अलावा, गवाही और जिरह अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी।
जनता के लिए नए अधिकार
नागरिक किसी भी थाने में जीरो FIR दर्ज करा सकेंगे।
जीरो FIR को संबंधित थाने में 15 दिन के भीतर भेजना अनिवार्य होगा।
तलाशी, जब्ती और यौन अपराधों के मामलों में वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी।
विदेश में बैठे अपराधियों पर भी गैरहाजिरी में केस और सजा दी जा सकेगी।
पुलिस अब WhatsApp पर समन भेज रही है, जिससे सरकारी खर्च घटेगा।











