Haryana Weather Alert: हरियाणा में आगामी दिनों के दौरान मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में फिलहाल किसी बड़े बारिश तंत्र के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं, हालांकि एक पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके चलते कुछ इलाकों में आंशिक बादलवाई और हवाओं की दिशा में परिवर्तन होने की संभावना बनी हुई है।
Chaudhary Charan Singh Haryana Agricultural University, Hisar के कृषि मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताजा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार हरियाणा में 12 मार्च तक मौसम सामान्यतः शुष्क बना रहेगा। विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि 8 मार्च की रात से 11 मार्च के बीच प्रदेश के कई क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन फिलहाल व्यापक वर्षा की संभावना नहीं है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस दौरान आसमान में बीच-बीच में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। बादलों के साथ हवाओं की दिशा और गति में भी हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि इससे तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की उम्मीद नहीं जताई गई है।
प्रदेश में तापमान में लगातार बढ़ोतरी का रुझान भी देखने को मिल रहा है। अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान Hisar में 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो इस समय के हिसाब से सामान्य से थोड़ा अधिक माना जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में हल्की से मध्यम गति से हवाएं चलने की संभावना है। इन हवाओं के कारण सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक का एहसास बना रह सकता है, हालांकि दिन के तापमान में खास गिरावट की उम्मीद नहीं है। वहीं रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।
मौसम के इस बदलते रुख का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही अपने कृषि कार्यों की योजना बनानी चाहिए। खासतौर पर फसलों की सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव जैसे कार्य मौसम के अनुसार करने की सलाह दी गई है।
कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष Dr. Madan Khichar ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से प्रदेश में हल्की बादलवाई और हवाओं में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि फिलहाल मौसम मुख्य रूप से शुष्क ही रहने की संभावना है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें और उसी के अनुसार कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं।









