Haryana Weather Update: हरियाणा में फरवरी के आखिरी दिनों में ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है, जो आने वाले दिनों में तापमान के और बढ़ने का संकेत दे रहा है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस की सीमा पार कर चुका है और दिन में तेज धूप लोगों को मार्च से पहले ही गर्मी का अहसास करा रही है।
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान हिसार में 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। इसके अलावा नूंह में 32.7°C, गुरुग्राम में 32.6°C, भिवानी में 32.4°C और नारनौल में 32.2°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। इन शहरों में दोपहर के समय गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण सामान्य गतिविधियों पर भी असर देखने को मिला।
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। केवल करनाल, सिरसा, जींद, रोहतक और यमुनानगर जैसे कुछ जिलों में पारा 30 डिग्री से नीचे रहा, जबकि बाकी शहरों में 30 डिग्री के पार पहुंच गया। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के किसी भी स्टेशन पर बारिश दर्ज नहीं की गई, जिससे शुष्क हवाओं ने गर्मी को और बढ़ावा दिया है। औसत अधिकतम तापमान में 0.3 डिग्री सेल्सियस की अतिरिक्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो सामान्य परिस्थितियों की तुलना में काफी अधिक है।
दिन के साथ-साथ रातें भी अब धीरे-धीरे गर्म होने लगी हैं। न्यूनतम तापमान में 2.6 डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक है। करनाल में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि हिसार और जींद में रात का पारा क्रमशः 16.6 और 16.7 डिग्री तक पहुंच गया। अधिकांश क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, जिससे सुबह और शाम की हल्की ठंड लगभग खत्म हो चुकी है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति और साफ आसमान के कारण तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। यदि अगले कुछ दिनों में बादल या बारिश नहीं होती है, तो मार्च के पहले सप्ताह से ही लू जैसे हालात बनने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। खासकर दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा में तापमान सामान्य से काफी ऊपर जा सकता है।
विशेषज्ञों ने किसानों और आम नागरिकों को दोपहर के समय अनावश्यक धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और खेतों में फसल प्रबंधन पर ध्यान देने की सलाह दी है। गेहूं और सरसों की फसलों पर बढ़ते तापमान का प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए सिंचाई और नमी संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा।
प्रदेश में फरवरी के अंतिम सप्ताह में इस तरह की गर्मी ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि इस वर्ष गर्मी का मौसम सामान्य से अधिक तीखा हो सकता है। आने वाले दिनों में IMD की ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी रहेगा, क्योंकि तापमान में हर दिन नई बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।











