HBSE 10th, 12th Exam Date: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) की ओर से आयोजित की जाने वाली 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू होने की संभावना है। इस बार बोर्ड परीक्षाओं को लेकर कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर परीक्षा व्यवस्था, सुरक्षा और मूल्यांकन प्रणाली पर पड़ेगा। बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों की दूरी से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं की तकनीक तक, कई स्तरों पर सुधार किए हैं।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने बताया कि इस बार यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी परीक्षार्थी को अपने स्कूल या गांव से दूर परीक्षा केंद्र पर न जाना पड़े। परीक्षा केंद्र अधिकतम एक से दो किलोमीटर के दायरे में ही रखे जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को आने-जाने में परेशानी न हो और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
डॉ. पवन कुमार के अनुसार, इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में 5 लाख 21 हजार 795 विद्यार्थी शामिल होंगे। इनमें 10वीं कक्षा के 2 लाख 78 हजार 334 और 12वीं कक्षा के 2 लाख 43 हजार 461 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 56 हजार 468 अधिक है। खास बात यह है कि इस बार बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अन्य बोर्डों को छोड़कर हरियाणा बोर्ड में नामांकन कराया है, जिसे बोर्ड के प्रति बढ़ते विश्वास के रूप में देखा जा रहा है।
परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बोर्ड ने इस बार उत्तर पुस्तिकाओं में डायनामिक क्यूआर कोड लागू किया है। हर उत्तर पुस्तिका के प्रत्येक पन्ने पर अलग-अलग क्यूआर कोड होगा, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया और ट्रैकिंग सिस्टम को मजबूत किया जा सकेगा। प्रश्न पत्रों में पहले की तरह अल्फा-न्यूमेरिक कोडिंग भी जारी रहेगी।
बोर्ड चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि इस बार भी नकल रहित परीक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई परीक्षार्थी, परीक्षक या ड्यूटी में तैनात कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा बोर्ड के अनुसार, परीक्षा केंद्रों का चयन, प्रश्न पत्रों की छपाई, उत्तर पुस्तिकाओं की व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं। बोर्ड पूरी तैयारी के साथ परीक्षा संचालन की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ताकि विद्यार्थियों को शांत और सुरक्षित माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिल सके।









