Hydrogen Train: हरियाणा में भविष्य की ग्रीन ट्रांसपोर्ट तकनीक की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हाइड्रोजन ट्रेन का परफॉर्मेंस ट्रायल शुक्रवार को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। यह ट्रेन सुबह करीब 10:20 बजे Jind जंक्शन से रवाना होकर दोपहर पौने एक बजे सोनीपत जंक्शन पहुंची। वहां 15 मिनट रुकने के बाद ट्रेन वापस जींद के लिए रवाना हुई और करीब पौने चार बजे वापस पहुंच गई।
इस ट्रायल के दौरान जींद–सोनीपत रूट पर हर स्टेशन पर ट्रेन को एक-दो मिनट तक रोका गया, ताकि हाइड्रोजन गैस की खपत और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा सके। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती ट्रायल के दौरान प्रति किलोमीटर लगभग 900 ग्राम हाइड्रोजन गैस की खपत हो रही थी, क्योंकि उस समय गैस बाहर से मंगवाई जा रही थी।
अब प्लांट की तकनीकी खामियां दूर होने के बाद स्थानीय स्तर पर हाइड्रोजन गैस का उत्पादन शुरू हो गया है। नए ट्रायल में प्रति किलोमीटर गैस की खपत घटकर लगभग 800 ग्राम रह गई है, जिससे संकेत मिलते हैं कि इस ट्रेन का संचालन डीजल इंजन की तुलना में अधिक किफायती साबित हो सकता है।
हाइड्रोजन प्लांट में पहले इलेक्ट्रो फायर में तकनीकी खराबी के कारण गैस उत्पादन बाधित था। इसके लिए जर्मनी से सेफ्टी वाल्व मंगवाया गया, जिसके बाद समस्या का समाधान कर लिया गया और अब उच्च गुणवत्ता की हाइड्रोजन गैस का उत्पादन शुरू हो चुका है। प्रोजेक्ट हेड संजय शर्मा के अनुसार बेहतर गुणवत्ता की गैस से ट्रेन का माइलेज भी बेहतर मिल रहा है।
गौरतलब है कि 16 से 20 मार्च के बीच इस रूट पर कई बार परफॉर्मेंस ट्रायल किए गए थे। 16 और 18 मार्च को दो-दो बार और 20 मार्च को एक बार ट्रेन चलाई गई थी। इस दौरान तकनीकी सुधार भी किए गए।
अब अगला चरण Commissioner of Railway Safety (CRS) से मंजूरी का है। सभी तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेन के औपचारिक उद्घाटन की तारीख तय की जाएगी।












