Farmers Protest(मेरा हरियाणा नेटवर्क)बाढड़ा। मंडी परिसर में किसानों का धरना आज 244 वें दिन भी पूरी ताकत, अनुशासन और एकजुटता के साथ जारी रहा। किसानों ने कहा कि यदि 350 करोड़ रुपये का लंबित कपास बीमा क्लेम शीघ्र जारी नहीं किया गया तो आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा। जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलता, तब तक यह आंदोलन किसी भी सूरत में नहीं रुकेगा।किसान नेता ब्रहमपाल बाढड़ा, श्योराण खाप पच्चीस अध्यक्ष बिजेंद्र बेरला, राजकुमार हड़ौदी, मास्टर रघुबीर सिंह व भूप सिंह दलाल ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की चुप्पी किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ धोखा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो संघर्ष को व्यापक रूप दिया जाएगा। अब संघर्षों का नया दौर शुरू हो चुका है। संयुक्त किसान मोर्चा ने देशव्यापी आंदोलन का बिगुल बजा दिया है।
चार नए लेबर कोड, विद्युत संशोधन विधेयक और बीज विधेयक वापस लिए जाए
किसान-मजदूर विरोधी नीतियों और कॉरपोरेट-परस्त फैसलों के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को तुरंत रद्द किया जाए। सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी और किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी लागू हो। चार नए लेबर कोड, विद्युत संशोधन विधेयक और बीज विधेयक वापस लिए जाएं। 2023 कपास बीमा क्लेम कृषि विभाग के अधिकारियों ने स8ााधारियों से मिल कर चुनाव आचार संहिता के चलते भिवानी व चरखी-दादरी जिलों के 450 करोड़ रुपयों के क्लेम को लगभग सौ करोड़ रुपये कर 350 करोड़ रुपयों का घोटाला किया। इतना ही नहीं हरियाणा भर में वर्ष 2022-23 में जहां फसल बीमा क्लेम 2497 करोड़ रुपये मिला वहीं चुनावी वर्ष 2023-24 में क्लेम सिर्फ 224 करोड़ रुपये किसानों को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को शीघ्र मुआवजा उपल4ध करवाए।
इस अवसर पर मजदूर नेता रोशन लाल धारणी, राजेंद्र बेरला, भूप सिंह धारणी, ब्रह्मपाल बाढड़ा, होशियार सिंह गोपी, सत्य प्रकाश जेवली, नरेश कुमार कादयान, रणधीर, हवा सिंह, प्रताप सिंह, जोरा सिंह, प्रताप सिंह हसावास, प्रताप सिंह पारस, युधबीर, ओमप्रकाश नंबरदार, महावीर प्राचार्य, जयवीर नाधां, सतबीर, पीटीआई धर्मपाल, ओमप्रकाश खोरड़ा सहित बड़ी संख्या में किसान-मजदूर नेता उपस्थित रहे।














