सिरसा जिले में फेसबुक के जरिए युवकों को लुभाकर अपहरण (किडनैपिंग) और जबरन वसूली का बड़ा मामला सामने आया है। एक गिरोह द्वारा महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर शिकार को फंसाया जा रहा था। सिरसा पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो महिलाओं समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सिरसा, हिसार और जींद जिलों में सक्रिय था।
क्या है पूरा मामला?
मामला सिरसा के गांव चिलकनी ढाब के एक युवक जसवंत की शिकायत से सामने आया। जसवंत ने बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले ‘खुशी’ नाम की एक लड़की ने उसे फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। बातचीत के बाद, खुशी ने उसे फतेहाबाद में मिलने के लिए बुलाया।
युवक पहुंचा मिलने: जसवंत अपने दोस्त सुभाष के साथ गाड़ी लेकर फतेहाबाद के पपीहा पार्क पहुंचा, जहां उसे तीन लड़कियां मिलीं।
ढाणी में ले जाकर फंसाया: लड़कियों ने उन्हें भिरड़ाना गांव की एक ढाणी में चलने का प्रस्ताव दिया। वहां पहुंचने के बाद अचानक कुछ युवक आ गए और उन पर एक महिला के साथ ‘गलत काम’ करने का झूठा आरोप लगाते हुए उनकी पिटाई की।
बंधक बनाकर की मोटी रकम की मांग: आरोपियों ने जसवंत और उसके दोस्त को 8-10 घंटे तक बंधक बनाकर रखा और 20 लाख रुपये की मांग की। डर के मारे, पीड़ितों से 90 हजार रुपये नकद और 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए गए। उनके फोन भी छीन लिए गए।
पुलिस ने कैसे पकड़े आरोपी?
जसवंत के परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी। सिरसा के एसपी दीपक सहारण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। जयदेव चौक के पास संदिग्ध गाड़ियों को ट्रैक करके आरोपियं को घेर लिया गया और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों में सिरसा, हिसार के गांव डाटा, जींद के उचाना और फतेहाबाद के गांव डांगरा खेड़ा की पूजा रानी व सुमन नामक दो महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने लूटी गई राशि का एक हिस्सा और वारदात में इस्तेमाल हुई दो गाड़ियां भी बरामद की हैं।
इस मामले में पुलिस ने अपहरण, जबरन वसूली और धमकी देने सहित कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है। यह घटना सोशल मीडिया के जरिए होने वाली ठगी के नए तरीके की ओर इशारा करती है।










