हरियाणा की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नूंह जिले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जयसिंहपुर चौकी में तैनात एक एएसआई (ASI) और एक मुंशी को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने एक अवैध पार्किंग में जब्त की गई गाड़ी को उसके मालिक को सौंपने के बदले यह रिश्वत मांगी थी।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, जयसिंहपुर चौकी में तैनात एएसआई राजबीर सिंह ने कुछ दिन पहले सड़क पर अवैध रूप से पार्क की गई एक कार का चालान कटा था और गाड़ी को चौकी में जब्त कर लिया था। मंगलवार को जब वाहन मालिक कोर्ट का आदेश लेकर अपनी गाड़ी छुड़ाने चौकी पहुंचा, तो एएसआई राजबीर सिंह और उनके साथी मुंशी ने गाड़ी सौंपने के बदले उससे 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।
ACB ने कैसे किया ट्रैप?
वाहन मालिक ने पहले से ही इस रिश्वत की मांग की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो में कर दी थी। ACB ने तुरंत एक एक्शन प्लान बनाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय जगह पर एएसआई और मुंशी को रिश्वत की राशि दी, ACB की टीम ने तत्काल छापेमारी कर दोनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की गई नकदी को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
ACB की इस सीधी कार्रवाई के बाद पूरे जिले के पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जयसिंहपुर चौकी प्रभारी ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ACB ने कार्रवाई की है, हालांकि उस समय वह खुद चौकी से बाहर थे, इसलिए उनके पास विस्तृत जानकारी नहीं है।
अभी तक ACB की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और उनकी तलाशी लेकर अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। यह मामला पुलिस विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।













