New Railway Line: रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जालंधर कैंट-पठानकोट कैंट-जम्मू तवी के बीच प्रस्तावित 216 किलोमीटर लंबी तीसरी रेलवे लाइन का डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) अगले 10 दिनों में अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जम्मू से पंजाब की यात्रा काफी आसान और तेज हो जाएगी।
यातायात भीड़ कम करने के लिए महत्वपूर्ण परियोजना
जिला प्रशासन ने सोमवार को इस परियोजना के संबंध में डीसी आयुषी सूदन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में हितधारकों और विभिन्न लाइन विभागों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस व्यस्त रेलवे कॉरिडोर पर यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए रेल मंत्रालय ने एक अतिरिक्त तीसरी लाइन बिछाने का फैसला किया है।
ट्रेनों की समयबद्धता और दक्षता में सुधार
इस तीसरी लाइन के निर्माण का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों की समयबद्धता सुनिश्चित करना, मौजूदा पटरियों पर एक्सल लोड कम करना और समग्र परिचालन दक्षता बढ़ाना है। डीसी आयुषी सूदन ने कहा कि यह परियोजना न केवल मौजूदा रेल नेटवर्क पर भीड़भाड़ कम करेगी, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी।
आर्थिक विकास को मिलेगी गति
इस रेल लाइन परियोजना के पूरा होने से पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना यात्री एवं माल यातायात दोनों के सुचारू आवागमन को सुनिश्चित करेगी, जिससे व्यापार-वाणिज्य को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी पर चर्चा
बैठक में परियोजना के प्रमुख पहलुओं पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श किया गया, जिसमें भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया, पर्यावरणीय मंजूरी, पुनर्वास उपाय और कार्यान्वयन के दौरान उत्पन्न होने वाले संभावित स्थानीय मुद्दे शामिल थे। डीसी ने सभी विभागों और हितधारकों से परियोजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए पूर्ण सहयोग देने का आग्रह किया।
वर्तमान में इस परियोजना का सर्वेक्षण कार्य जारी है और अगले दस दिनों में डीपीआर को अंतिम रूप दे दिया जाएगा, जिसके बाद इस महत्वपूर्ण रेलवे परियोजना पर काम शुरू हो सकेगा।











