Last Updated:
Ambala ki local news : पहले ही मौसम की मार झेल चुका अंबाला का धान किसान मंडी में अपनी फसल पहुंचाने के बाद भी घबराया हुआ है. मंडी में धान के उठान में देरी के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही है. लोकल 18 से शाहपुर गांव के किसान जसप्रीत सिंह बताते हैं कि पिछले सीजन का गेहूं एक तरफ पड़ा है. मंडी में नई फसल रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है. उन्हें डर है कि अगर दोबारा बारिश हुई तो मंडी में खुले में पड़े धान को नुकसान हो सकता है. किसान कुलदीप सिंह बताते हैं कि हम किसी तरह फसल सुखाकर यहां लाते हैं, लेकिन मौसम खराब होने या बारिश होने पर नमी दोबारा बढ़ जाती है.
अंबाला. किसान दिन-रात खेतों में मेहनत करता है और इस उम्मीद के साथ अपनी फसल तैयार करता है कि जब अनाज मंडी में पहुंचेगा तो उसे उसकी मेहनत का उचित दाम मिलेगा. ऐसे में जब फसल पककर तैयार होने के बाद बारिश की मार झेलती है और मंडी में पहुंचने पर भी समय पर उसका उठान नहीं होता, तो किसानों की चिंता बढ़ना लाजिमी है. अंबाला की अनाज मंडियों में इन दिनों कुछ ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है. बीते दिनों हुई बारिश के कारण मंडियों में पड़े धान को नुकसान पहुंचा. अब किसानों को डर सता रहा है कि अगर दोबारा बारिश हुई तो उनकी मेहनत की कमाई खराब हो सकती है. अंबाला छावनी मोहड़ा अनाज मंडी में धान की आवक के बीच किसान परेशान हैं.
पहले भी झेल चुके
लोकल 18 से शाहपुर गांव के किसान जसप्रीत सिंह बताते हैं कि मंडी में धान के उठान में देरी के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही है. पिछले सीजन की गेहूं की फसल भी एक तरफ पड़ी हुई है, जिसका अब तक उठान नहीं हुआ है. ऐसे में नई फसल रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है. जसप्रीत का कहना है कि पहले भी उन्हें इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ा था. अब दोबारा उठान में देरी होने से उनकी चिंता बढ़ गई है. उन्हें डर है कि अगर फिर से बारिश हुई तो मंडी में खुले में पड़ी धान की फसल को नुकसान हो सकता है.
धन्यौड़ा गांव के किसान रेशम सिंह ने मंडी में पीने के पानी की व्यवस्था पर सवाल उठाए. वे कहते हैं कि वाटर कूलर के आसपास गंदगी होने के कारण किसानों को साफ पानी पीने में परेशानी होती है. उन्होंने मांग की कि मंडी में लगे वाटर कूलरों के आसपास नियमित सफाई कराई जाए, ताकि किसानों को स्वच्छ पेयजल मिल सके. रेशम सिंह कहते हैं कि पिछले साल की गेहूं की फसल शेड के नीचे पड़ी है. अगर समय पर फसल का उठान किया जाए तो मंडी में जगह की कमी दूर होगी और बारिश से अनाज को बचाने में भी मदद मिलेगी.
बढ़ जाती है मेहनत
किसान कुलदीप सिंह बताते हैं कि मंडी में फसल लाने के बाद भी उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. पोर्टल से जुड़ी समस्याएं बार-बार सामने आती हैं. धान में नमी की मात्रा को लेकर भी किसानों को परेशानी होती है. किसान फसल को सुखाते हैं, लेकिन मौसम खराब होने या बारिश होने पर नमी दोबारा बढ़ जाती है. इससे फसल बेचने की प्रक्रिया प्रभावित होती है और किसानों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है.
क्या बोले मंडी सचिव
अंबाला अनाज मंडी के सचिव नीरज भारद्वाज कहते हैं कि मंडी में फसल का उठान जारी है. इसे तेजी से पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं. किसानों की फसल की पेमेंट जल्द उनके खातों में पहुंच जाएगी. मंडी में अटल किसान कैंटीन के माध्यम से किसानों को 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. सचिव के अनुसार, मंडी में सात वाटर कूलर लगाए गए हैं और किसानों की समस्याओं का समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं. रात के समय रोशनी की भी व्यवस्था है. आढ़तियों को पर्याप्त तिरपाल रखने और बारिश की चेतावनी मिलने पर फसल को अच्छी तरह ढकने के निर्देश दिए गए हैं.
About the Author

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…









