हरियाणा के इस जिले में 12 नए सेक्टर बसाने की तैयारी, इन 19 गांवों की 4500 एकड़ जमीन खरीदेगी सरकार

On: March 6, 2026 9:33 AM
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हरियाणा में शहरी विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने फरीदाबाद जिले में नए सेक्टर विकसित करने की तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश सरकार ने जिले के 19 गांवों में करीब 4500 एकड़ जमीन खरीदने की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है। इस जमीन पर 12 नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे, जिससे आने वाले वर्षों में क्षेत्र के शहरी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार की योजना के अनुसार किसान अपनी जमीन देने के लिए सरकारी पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए 30 अप्रैल तक की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। जमीन खरीदने की जिम्मेदारी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को दी गई है, जिसे आम तौर पर HUDA के नाम से जाना जाता है।
दरअसल जिस तरह से पिछले वर्षों में ग्रेटर फरीदाबाद का विकास हुआ था, उसी तर्ज पर अब शहर के दायरे को और आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है। इससे भविष्य में आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत विकास को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार के मास्टर प्लान 2031 के तहत जिन सेक्टरों को विकसित किया जाना है, उनमें सेक्टर 94ए, 96, 96ए, 97ए, 99, 100, 101, 102, 103, 140, 141 और 142 शामिल हैं। इनमें सेक्टर-100 को पूरी तरह से कमर्शियल सेक्टर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं सेक्टर 96ए और 97ए को पब्लिक और सेमी पब्लिक उपयोग के लिए रखा गया है, जहां सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान और अस्पताल जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। बाकी नौ सेक्टर मुख्य रूप से रिहायशी होंगे।
इन सेक्टरों के विकास के लिए जिन गांवों की जमीन चिन्हित की गई है, उनमें खेड़ी कलां, नचौली, ताजपुर, ढहकोला, शाहबाद, ताजापुर, बदरपुर सैद, साहूपुरा, सोतई, सुनपेड़, मलेरना, जाजरू, भैंसरावली, फत्तुपुरा, भुआपुर, जसाना, फरीदपुर, सदपुरा और तिगांव शामिल हैं। इनमें सेक्टर 140, 141 और 142 पृथला विधानसभा क्षेत्र में आते हैं, जबकि बाकी सेक्टर तिगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकसित किए जाएंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जमीन किसानों की सहमति से ही खरीदी जाएगी। इसके लिए किसानों को ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को इस योजना के बारे में जागरूक भी करेंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान आवेदन कर सकें।
इस योजना के लागू होने से क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों पर भी काफी हद तक अंकुश लग सकता है। फिलहाल जिन गांवों में सेक्टर प्रस्तावित हैं, वहां कृषि भूमि को खरीदकर छोटे-छोटे प्लॉट काटकर बेचने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। कई जगहों पर बिना मंजूरी के निर्माण भी हो रहे हैं, जिससे सरकार के मास्टर प्लान 2031 को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
अब जब इन क्षेत्रों में नए सेक्टर विकसित होने की संभावना सामने आई है, तो ग्रामीण इलाकों में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सेक्टर बनने से जमीन की कीमतों में कई गुना बढ़ोतरी हो सकती है और क्षेत्र का तेजी से विकास होगा।
दरअसल प्राधिकरण पहले भी इन गांवों की जमीन लेने का प्रयास कर चुका है, लेकिन उस समय ई-भूमि पोर्टल पर पर्याप्त आवेदन नहीं आए थे। अब सरकार ने एक बार फिर इस प्रक्रिया को शुरू किया है और अधिकारियों को किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राधिकरण के संपदा अधिकारी नवीन कुमार के अनुसार किसानों को योजना की पूरी जानकारी दी जाएगी ताकि वे समय रहते आवेदन कर सकें। यदि योजना सफल रहती है तो आने वाले वर्षों में फरीदाबाद का शहरी नक्शा पूरी तरह बदल सकता है।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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