प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 25 नवंबर को हरियाणा के पावन नगरी कुरुक्षेत्र पहुंच रहे हैं। यहां वे श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य राज्यस्तरीय समागम में शिरकत करेंगे। इस दौरान वे ज्योतिसर अनुभव केंद्र और पंचजन्य शंख का भी उद्घाटन करेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।
मुख्य मंच पर जमीन पर बैठेंगे सभी अतिथि
कार्यक्रम की एक खास बात यह है कि 25 एकड़ में फैले मुख्य मंच पर किसी के लिए भी कुर्सी की व्यवस्था नहीं की गई है। सभी अतिथि, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हैं, जमीन पर ही बैठेंगे। मंच पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब विराजमान होंगे, जो मंच से करीब ढाई फुट ऊपर रहेंगे। मंच के एक ओर 350 बच्चियां कीर्तन करेंगी।
विस्तृत व्यवस्था: जूते घर, लंगर और प्रदर्शनी
जूते घर: मुख्य पंडाल में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं के लिए दो जूते घर बनाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक में 5-5 हजार जोड़े जूते रखने की क्षमता है।
लंगर: दो अस्थायी लंगर हॉल बनाए गए हैं, जहां सुबह से शाम तक लंगर चलेगा। प्रधानमंत्री सहित सभी नेता यहां गुरु का लंगर ग्रहण करेंगे।
प्रदर्शनी: मुख्य पंडाल के पास गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसका PM मोदी अवलोकन करेंगे।
PM मोदी का कार्यक्रम क्रम
प्रधानमंत्री मोदी की कुरुक्षेत्र यात्रा का समयबद्ध कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:
शाम 4:00 बजे: कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेकेंगे।
शाम 4:50 बजे: ज्योतिसर अनुभव केंद्र पहुंचकर इसका और पंचजन्य शंख का उद्घाटन करेंगे।
शाम 6:00 बजे: ब्रह्मसरोवर पहुंचकर महाआरती में हिस्सा लेंगे। यह पहली बार होगा जब कोई प्रधानमंत्री ब्रह्मसरोवर की आरती में शामिल होंगे।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन पर प्रतिबंध
प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए पूरे कुरुक्षेत्र शहर में ड्रोन और ग्लाइडर उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। कार्यक्रम स्थल पर 20 गेट बनाए गए हैं और 20 एकड़ से अधिक क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हर संभव इंतजाम किए हैं।












