Jind News(मेरा हरियाणा नेटवर्क) जींद। गेहूं की आवक जोर पकडऩेे लगी है। वहीं आढ़तियों व किसानों द्वारा लगातार नए नियमों को लेकर विरोध भी जताया जा रहा है। मंडियों में किसानों को किसी तरह की परेशानी गेट पास, बायो मेट्रिक को लेकर न हो इसको लेकर पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। गेहूं के नियमों में बदलाव की मांग को लेकर आढ़तियों जो हड़ताल की गई थी वो एक बाद खत्म हो गई। जो कपास मंडी गेट, हाइवे स्थित मंडी गेट पर ताले लगाए गए थे उन गेटों को ट्रैक्टर ट्राली की एंट्री मंडी में हो इसको लेकर खोला गया।
मार्केट कमेटी सचिव योगेश गुप्ता ने बताया कि किसान को गेट पास, बायो मेट्रिक कराने में एक से दो मिनट लग रहे है। दोपहर तीन बजे तक उचाना मार्केट कमेटी के अधीन आने वाली मंडी, परचेज सेंटर, सब यार्ड पर 1073 गेट पास कटे तो 85 हजार 380 क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है। हाइवे स्थित अतिरिक्त मंडी, पुरानी मंडी में चार-चार प्वायंट बनाए गए हंै। 60 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है ताकि किसी तरह की परेशानी किसानों को न हो।
मार्केट कमेटी चेयरमैन सुरेंद्र खरकभूरा ने कहा कि किसाना, आढ़तियों को किसी तरह की परेशानी न हो इसको लेकर प्रबंध पुख्ता किए गए है। विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री निरंतर खरीद प्रक्रिया सहित जो नियम बनाए गए हैं उसको लेकर जानकारी ले रहे है। एक से दो मिनट तक प्रक्रिया पूरी हो रही है जिससे किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। सरकार किसान हितैषी है किसान हित में फैसले ले रही है। किसान की फसल का एक-एक दाना एमएसपी पर सरकार खरीद करेगी। विपक्ष की किसान, आढ़तियों को भ्रामक प्रचार करके गुमराह करने की कोशिश थी जिसमें विपक्ष कामयाब नहीं हुआ।
जुलाना की अनाज मंडी में नए नियमों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा का धरना शुरू
जुलाना कस्बे की नई अनाज मंडी में सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए नियमों के विरोध में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने धरना शुरू कर दिया। धरने की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान नरेंद्र ढांडा ने की। धरने में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए नरेंद्र ढांडा ने कहा कि सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए नियम किसानों और आढ़तियों के हितों के खिलाफ हैं।
ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट अनिवार्य करना और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करना पूरी तरह अव्यवहारिक है। इससे किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इन नियमों को वापस नहीं लेतीए तब तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। किसानों ने बताया कि नए नियमों को लेकर पहले भी कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा चुका है लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते अब उन्हें मजबूर होकर धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। इस मौके पर प्रदीप सिहाग, ईश्वर ठाकुर, कुलदीप ढांडा आदि मौजूद रहे।
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