वीआईपी नंबर HR 88 B 8888 लेने वाले ने क्या बलंडर किया कि परिवहन मंत्री अनिल विज ने दिए जांच के आदेश

On: December 3, 2025 4:47 PM
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अनिल विज, सिरसा, वीआईपी नंबर HR 88 B 8888, हरियाणा रोडवेज

हरियाणा सरकार अब उस व्यक्ति पर कड़ा ऐक्शन लेने जा रही है, जिसने वीआईपी नंबर HR 88 B 8888 की नीलामी में 1.17 करोड़ रुपए की बोलीतो लगाई, लेकिन समय पर राशि जमा नहीं कराई। परिवहन मंत्री अनिल विज ने इस मामले में संबंधित व्यक्ति की संपत्ति और आय की जांच के आदेश जारी किए हैं।

मंत्री विज ने साफ कहा कि फैंसी नंबरों की बोली लगाना एक जिम्मेदारी है, कोई मनोरंजन नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में आयकर विभाग को पत्र भेजा जाएगा, ताकि यह जांच हो सके कि बोली लगाने वाले व्यक्ति के पास वास्तव में इतनी भुगतान क्षमता थी या नहीं।


विज ने क्या कहा?

परिवहन मंत्री अनिल विज ने मीडिया से बातचीत में बताया:

हरियाणा में फैंसी और वीआईपी नंबर नीलामी प्रणाली के तहत दिए जाते हैं।

कई लोग प्रतिष्ठा और शौक के लिए बड़ी बोली लगाते हैं, जो राज्य सरकार की आय में योगदान देता है।

लेकिन कई बार लोग सिर्फ दिखावे के लिए बोली लगा देते हैं और बाद में राशि जमा नहीं करते।

मंत्री ने कहा,
“बोली लगाना शौक नहीं, जिम्मेदारी है। सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त करवा देना गंभीर बात है। ऐसे मामलों में जांच होगी।”


अब नंबर की होगी दोबारा नीलामी

सरकार ने पुष्टि की है कि HR 88 B 8888 नंबर को अब दोबारा नीलाम किया जाएगा, क्योंकि नीलामी जीतने वाला व्यक्ति अंतिम तारीख तक राशि जमा नहीं करा सका।

पहले इस नंबर के लिए सबसे बड़ी बोली रोमुलस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के ट्रांसपोर्ट सर्विस डायरेक्टर सुधीर कुमार ने लगाई थी।


बोलीदाता का क्या कहना है?

सुधीर कुमार ने दावा किया कि राशि जमा न होने के पीछे दो कारण रहे:

तकनीकी खराबी की वजह से भुगतान प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
उन्होंने बताया कि अंतिम दिन रात में दो बार प्रयास किया गया, लेकिन पेमेंट फेल हो गया।

परिवार की सहमति नहीं थी।
सुधीर ने बताया कि परिवार इतने बड़े भुगतान के खिलाफ था, इसलिए राशि जमा नहीं कराई गई।


क्यों बढ़ी सख्ती?

सरकार का मानना है कि:

बड़ी बोलियां लगाकर भुगतान न करना सिस्टम का दुरुपयोग है।

इससे वास्तविक खरीदारों को परेशानी होती है।

राज्य के राजस्व पर भी असर पड़ता है।

इसी वजह से सरकार अब ऐसे मामलों में आय और संपत्ति की जांच अनिवार्य कर रही है।


हरियाणा सरकार का यह फैसला राज्य में वीआईपी नंबर खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आगामी नीलामी में यह देखा जाएगा कि क्या इस बार HR 88 B 8888 अपनी पुरानी रिकॉर्ड बोली के बराबर या उससे ऊपर पहुंच पाता है।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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