Haryana Weather Update: हरियाणा में फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही गर्मी ने दस्तक दे दी है। दिन के समय तेज धूप और शुष्क मौसम के कारण अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि कम से कम 10 जिलों में पारा 28 डिग्री से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ोतरी संभव है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चंडीगढ़ केंद्र के अनुसार मंगलवार को राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान नूंह में 31.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा रोहतक, भिवानी, महेंद्रगढ़, हिसार, अंबाला, गुरुग्राम और सिरसा सहित कई जिलों में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। दिन में बढ़ती गर्मी ने फरवरी के मौसम को असामान्य बना दिया है, हालांकि सुबह और रात के समय हल्की ठंड अभी भी महसूस की जा रही है।
दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3.7 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 से 14 डिग्री के बीच रहने से सुबह हल्की ठंड बनी हुई है। इस तरह दिन और रात के तापमान में तीगुना अंतर मौसम के बदलाव को स्पष्ट कर रहा है।
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है। फिलहाल बारिश के कोई आसार नहीं हैं। हालांकि 28 फरवरी को आंशिक बादलवाई रहने की संभावना व्यक्त की गई है। इस दौरान अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलने से रात्रि तापमान में हल्की गिरावट संभव है।
मौसम में इस बदलाव का सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि शुष्क मौसम के कारण फसलों में नमी की कमी हो सकती है। गेहूं और सरसों की फसलों पर तापमान वृद्धि का प्रभाव पड़ने की आशंका है, इसलिए किसानों को समय पर सिंचाई करने की सलाह दी गई है।
कृषि विशेषज्ञों ने गेहूं की फसल में पीली रतुआ (येलो रस्ट) रोग की नियमित निगरानी करने की हिदायत दी है। दीमक नियंत्रण के लिए फिप्रोनिल या क्लोरपाइरीफॉस के उपयोग और माहू (एफिड) दिखाई देने पर नीम अर्क या थायमेथोक्साम के छिड़काव की सलाह दी गई है। सब्जियों और चारे की फसलों में भी नमी बनाए रखने के लिए नियमित सिंचाई जरूरी बताई गई है। बरसीम की कटाई समय पर करने और 15 से 20 दिन के अंतराल पर पानी देने की सिफारिश की गई है।
पशुपालकों को भी मौसम को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। दिन में पशुओं को धूप में बांधने और रात के समय छत के नीचे रखने की हिदायत दी गई है, ताकि तापमान में अंतर से पशुओं के स्वास्थ्य पर असर न पड़े।
फरवरी में ही बढ़ती गर्मी ने संकेत दे दिए हैं कि इस बार मार्च की शुरुआत और अधिक गर्म हो सकती है। ऐसे में आमजन और किसानों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग की ताजा अपडेट के अनुसार फिलहाल प्रदेश में शुष्क और साफ मौसम बना रहेगा, जबकि 28 फरवरी को हल्के बादलों की आवाजाही देखी जा सकती है।













