Haryana News: हरियाणा में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में महज दो दिन शेष हैं, लेकिन निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। राज्य के अधिकांश निजी स्कूल सरकार के निर्देशों के बावजूद अपनी फीस और सुविधाओं का विवरण देने से बचते नजर आ रहे हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को फॉर्म नंबर-6 के माध्यम से अपनी फीस संरचना और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी थी। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि इस आदेश का पालन बेहद सीमित स्तर पर हुआ है।
राज्य में कुल 9230 निजी स्कूलों में से केवल 2442 स्कूलों (26.46 प्रतिशत) ने ही फॉर्म-6 जमा किया है, जबकि 6788 स्कूलों (लगभग 74 प्रतिशत) ने अब तक कोई जानकारी नहीं दी है।
जिलों में खराब स्थिति
फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल, नूंह (मेवात) और चरखी दादरी जैसे जिलों में स्थिति चिंताजनक है। इन जिलों में लगभग 80 प्रतिशत स्कूलों ने फॉर्म जमा नहीं किया है।
- फरीदाबाद: 1372 में से 1098 स्कूल लंबित (80%)
- गुरुग्राम: 583 में से 468 (80%)
- पलवल: 574 में से 477 (83%)
- नूंह: 227 में से 175 (77%)
- चरखी दादरी: 161 में से 124 (77%)
इन पांच जिलों में कुल 2917 स्कूलों में से केवल 575 ने ही फॉर्म भरा है।
हिसार की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर
फॉर्म भरने के मामले में हिसार जिला कुछ बेहतर स्थिति में है, जहां 646 में से 245 स्कूलों (37.93 प्रतिशत) ने जानकारी उपलब्ध करवाई है, जबकि 401 स्कूल अब भी लंबित हैं।
पानीपत भी पीछे
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के गृह जिले पानीपत की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। यहां 509 निजी स्कूलों में से केवल 145 ने फॉर्म भरा है, जबकि 364 स्कूलों ने अब तक जानकारी नहीं दी है।
विभाग सख्त, कार्रवाई की चेतावनी
वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा निदेशक जितेंद्र दहिया ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) और खंड शिक्षा अधिकारियों को 31 मार्च तक हर हाल में फॉर्म-6 भरवाने के निर्देश दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी वेद सिंह दहिया ने भी स्पष्ट किया है कि सभी निजी स्कूलों के लिए फीस संबंधी जानकारी देना अनिवार्य है। निर्देशों की अवहेलना करने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उनका एमआईएस पोर्टल भी बंद किया जा सकता है।













