हरियाणा में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सरकार ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार शाम को बड़े स्तर पर आईपीएस और एचपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए, जिससे कई जिलों की पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। खास बात यह है कि महज 10 दिनों के भीतर यह दूसरा बड़ा फेरबदल है, जिससे सरकार की रणनीति पर भी चर्चा तेज हो गई है।
इस फेरबदल में 24 आईपीएस और 5 एचपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। हिसार, रोहतक समेत आठ जिलों के एसपी बदल दिए गए हैं, जबकि गुरुग्राम पुलिस कमिश्नरेट में भी बड़े स्तर पर बदलाव किया गया है।
डॉ. अर्पित जैन को गुरुग्राम में डीसीपी हेडक्वार्टर के पद से हटाकर नूंह का एसपी बनाया गया है। वहीं दीपक जेवरिया को मानेसर के डीसीपी पद से नारनौल का एसपी नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा राजेश कुमार को एसपी नूंह से हटाकर एसपी एससीबी लगाया गया है। सुरिंदर बोहरिया को एसपी रोहतक से एसपी लॉ एंड ऑर्डर बनाया गया है, जबकि शशांक कुमार सावन को एसपी हिसार से एआईजी एडमिनिस्ट्रेशन पीएचक्यू भेजा गया है।
सरकार ने महिला अधिकारी नितिका खट्टर को डबवाली से फतेहाबाद का एसपी बनाकर अहम जिम्मेदारी दी है। वहीं नितीश अग्रवाल को एडीसी टू गवर्नर से एसपी पलवल नियुक्त किया गया है और वरुण सिंगला को पलवल से सीआईडी सिक्योरिटी में भेजा गया है।
अन्य तबादलों में अर्श वर्मा को चरखी दादरी से एसवी एंड एसीबी (एच) और सिद्धांत जैन को फतेहाबाद से हिसार का एसपी बनाया गया है। इसके अलावा अवकाश से लौटे मकसूद अहमद को एसवी एंड एसीबी में तैनाती दी गई है।
लगातार हो रहे इन तबादलों को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि सरकार जिलों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए तेजी से बदलाव कर रही है। हालांकि, इतने कम समय में बार-बार हो रहे फेरबदल को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या यह स्थिरता की कमी को दर्शाता है या फिर सरकार किसी बड़े प्लान के तहत काम कर रही है।
फिलहाल इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के बाद सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नए नियुक्त अधिकारी जिलों में कानून-व्यवस्था को कितना बेहतर बना पाते हैं।














