फरीदाबाद: फरीदाबाद में मानसून की पहली ही बारिश ने शहर से लेकर गांव तक व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी. कहीं सड़कें धंस गईं, कहीं जलभराव ने लोगों का रास्ता रोक दिया. अब बारिश थम चुकी है, लेकिन पृथला विधानसभा के असावटी रेलवे अंडरपास की परेशानी अभी भी खत्म नहीं हुई है. अंडरपास में अब भी पानी भरा हुआ है, जिससे रोज आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि जब से अंडरपास बना है तब से यही हाल है. बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं और कई बार बाइक व कार तक पानी में फंस जाती हैं.
बारिश के बाद पानी भर जाता है
Local18 से बातचीत में स्थानीय निवासी विनोद बताते हैं मैं असावटी गांव से हूं. जब बारिश होती है, तो इसमें और ज्यादा पानी भर जाता है. पानी इतना भर जाता है कि गाड़ियां डूब जाती हैं. यह रास्ता करीब 36 गांवों को जोड़ता है. अगर यही रास्ता बंद हो जाए तो लोगों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती है.
इस अंडरपास में तो 12 महीने पानी रहता है
स्थानीय निवासी देवी राम बताते हैं मैं असावटी गांव का रहने वाला हूं. जटौला अंडरपास का भी यही हाल है और असावटी अंडरपास में भी पानी भरा रहता है. आखिर आदमी जाए कहां से? मोटरसाइकिल डूब जाती है कार भी निकल नहीं पाती. इस अंडरपास में तो 12 महीने पानी रहता है. जब से बना है तब से यही हालत है. 36 गांवों का यही रास्ता है. प्याले रेलवे फ्लाईओवर का काम चल रहा है इसलिए दूसरा रास्ता भी नहीं है अगर बल्लभगढ़ होकर जाएं तो करीब 40 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है. स्कूल जाने वाले बच्चे, नौकरी करने वाले लोग और किसान, सभी परेशान हैं.
स्थानीय निवासी संजय बताते हैं इस अंडरपास में पानी ऐसे ही अक्सर भरा रहता है. हम लोग बहुत परेशान हैं. बारिश हो या न हो यहां 12 महीने पानी दिखाई देता है. कई बार मजबूरी में इसी पानी से होकर निकलना पड़ता है.
जब से अंडरपास बना है तब से यही हाल है
रोज इस रास्ते से आने-जाने वाले कुंवरपाल बताते हैं मैं रोज इसी अंडरपास से आता-जाता हूं. अभी तो पानी कम है लेकिन बरसात में निकलना मुश्किल हो जाता है. ढाई से तीन फीट तक पानी हो जाता है. कई बार डर लगता है कि गाड़ी बंद न हो जाए. जब से अंडरपास बना है तब से यही हाल है.
असावटी गांव के सन्नी बताते हैं यहां पानी परमानेंट भरा रहता है. कल पानी निकालने की कोशिश भी हुई थी…लेकिन उसके बाद भी अंडरपास में पानी मौजूद है. अभी तक इसका कोई पक्का समाधान नहीं हुआ है. हर बारिश के बाद यही परेशानी फिर सामने आ जाती है.
आज तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकला
स्थानीय निवासी विकास रावत बताते हैं यह प्रॉब्लम हमेशा ऐसे ही रहती है. बरसात में घुटनों तक पानी हो जाता है कई बार इससे भी ज्यादा भर जाता है. बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, स्कूल वाले छुट्टी कर देते हैं. नौकरी पर जाने वाले लोग भी परेशान रहते हैं. इस अंडरपास में 12 महीने पानी रहता है. हम लोग कई साल से यही परेशानी झेल रहे हैं, लेकिन आज तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकला.
स्थायी समाधान किया जाए
ग्रामीणों का कहना है कि असावटी अंडरपास सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि 36 गांवों की लाइफलाइन है. ऐसे में अगर यहां हर समय पानी भरा रहेगा तो सबसे ज्यादा परेशानी आम लोगों, किसानों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को ही होगी. लोगों की मांग है कि हर बारिश के बाद सिर्फ पानी निकालने की जगह इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हर साल मानसून में उन्हें इसी परेशानी का सामना न करना पड़े.










