Vijay Vardhan UPSC Success Story: 35 बार फेल होने पर भी नहीं मानी हार, यूपीएससी परीक्षा पास कर IPS से IAS बने विजय वर्धन

On: July 16, 2026 1:56 AM
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नई दिल्ली (Vijay Vardhan UPSC Success Story). किसी बड़े कॉम्पिटिटिव एग्जाम का रिजल्ट आते ही हर तरफ सिर्फ टॉपर्स की चर्चा होने लगती है. लेकिन सच तो यह है कि किसी भी सफलता की चमक के पीछे असफलताओं का बहुत लंबा और अंधेरा रास्ता होता है. हरियाणा के सिरसा जिले के रहने वाले आईएएस विजय वर्धन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. विजय वर्धन की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करने की राह इतनी कांटों भरी थी कि कोई भी आम इंसान होता शायद बीच में ही हिम्मत छोड़ देता.

आपके लिए यकीन करना मुश्किल होगा, लेकिन विजय वर्धन एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 35 सरकारी और कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स में फेल हुए थे. हरियाणा पीसीएस, यूपी पीसीएस से लेकर एसएससी तक, उन्होंने जो भी परीक्षा दी, उसमें उन्हें नाकामी ही हाथ लगी. लेकिन इस जबरदस्त हार के बाद भी उन्होंने खुद को टूटने नहीं दिया. अपनी जिद और अटूट हौसले के दम पर उन्होंने न सिर्फ यूपीएससी की सबसे कठिन सिविल सेवा परीक्षा क्रैक की, बल्कि लगातार दो बार सफलता का परचम भी लहराया.

इंजीनियरिंग से तय किया यूपीएससी तक का सफर

हरियाणा के रहने वाले आईएएस विजय वर्धन ने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक बड़ा सपना देखा- देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा में जाने का. वे बीटेक की डिग्री लेकर दिल्ली आ गए और यूपीएससी सीएसई परीक्षा की तैयारी में जुट गए. दिल्ली आकर वे भी उसी भीड़ का हिस्सा बने जहां दिन-रात सिर्फ किताबों और यूपीएससी सिलेबस की बातें होती हैं. लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनकी असली परीक्षा पढ़ाई से ज्यादा उनके सब्र की होने वाली है.

जब असफलताओं का लग गया अंबार

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ विजय ने बैकअप के तौर पर कई अन्य सरकारी नौकरियां के एग्जाम्स भी दिए. लेकिन किस्मत जैसे उनसे रूठी हुई थी. वे एक के बाद एक परीक्षाओं में फेल होते चले गए. जब नाकामी का आंकड़ा 35 तक पहुंच गया तो अच्छे-अच्छों का हौसला डगमगा जाता. लेकिन विजय वर्धन ने रोने या किस्मत को कोसने में समय बर्बाद नहीं किया. उन्होंने हर फेलियर को सबक की तरह लिया और अपनी कमियों को सुधारना शुरू किया.

यूपीएससी क्रैक कर बने आईपीएस, लेकिन नजरें थीं और ऊपर

सालों की कठिन मेहनत और रातों की नींद उड़ाने के बाद आखिरकार साल 2018 में विजय वर्धन की मेहनत रंग लाई. उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 104वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की. इस शानदार रैंक के साथ वे आईपीएस (IPS) अधिकारी बन गए. घर में खुशियां छा गईं, लेकिन विजय के मन में अब भी एक कसक बाकी थी. उनका असली लक्ष्य आईएएस (IAS) अफसर बनना था. इसलिए उन्होंने आईपीएस की नौकरी के साथ भी अपनी पढ़ाई जारी रखी.

आखिरकार पूरा हुआ आईएएस बनने का सपना

आईपीएस अफसर बनने के बाद भी विजय वर्धन रुके नहीं और दोबारा परीक्षा देने का फैसला किया. साल 2021 में उनकी जिद रंग लाई और उन्होंने एक बार फिर यूपीएससी क्रैक कर दिखाया. इस बार उन्हें अपनी आईएएस अफसर की कुर्सी भी मिल गई. विजय अक्सर मीडिया इंटरव्यू में कहते हैं कि इंसान का सबसे बड़ा और सबसे अच्छा टीचर वह खुद ही होता है. अपनी पुरानी गलतियों से सीखकर लगातार आगे बढ़ते रहेंगे तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको सफल होने से नहीं रोक सकती.

स्टूडेंट्स के लिए बड़ा संदेश

विजय वर्धन की सक्सेस स्टोरी आज देश के उन लाखों स्टूडेंट्स के लिए बहुत बड़ी सीख है जो एक या दो बार फेल होने पर ही डिप्रेशन में चले जाते हैं या तैयारी छोड़ देते हैं. विजय ने साबित कर दिया कि फेल होना सफर का अंत नहीं है, बल्कि सफलता की तरफ बढ़ने वाला सबसे बड़ा कदम है. यूपीएससी परीक्षा में कामयाबी सिर्फ टैलेंट के दम पर नहीं, बल्कि लगातार टिके रहने, खुद पर भरोसा रखने और कभी हार न मानने वाले जज्बे से मिलती है.

आईएएस विजय वर्धन करेंट पोस्टिंग

आईएएस विजय वर्धन हिमाचल प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं. वह रोहड़ू के एसडीएम रह चुके हैं. सरकार ने श्री विजय वर्धन, IAS (बैच 2021) को नया दायित्व सौंपा है. वे अब निदेशक, सार्वजनिक वित्त और सार्वजनिक उपक्रम-सह-विशेष सचिव (वित्त), हिमाचल प्रदेश सरकार, शिमला के पद पर नियुक्त किए गए हैं. इसके अतिरिक्त उन्हें निदेशक, कोषागार, लेखा और लॉटरी, हिमाचल प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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