फरीदाबाद: फरीदाबाद में अगर आप ऐसा गांव तलाश रहे हैं, जहां शहर जैसी सुविधाएं भी मिलें, रोजगार के मौके भी हों और अभी भी प्लॉट की कीमतें कई सेक्टरों के मुकाबले कम हों, तो नवादा गांव लोगों की पसंद बनता जा रहा है. IMT के बिल्कुल पास होने की वजह से इस गांव की पहचान तेजी से बढ़ी है. बड़ी-बड़ी कंपनियां आने से यहां रोजगार के अवसर बढ़े हैं, वहीं रहने के लिए भी लोग इस गांव को अच्छा विकल्प मान रहे हैं. यही वजह है कि आज काफी लोग यहां प्लॉट खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं. प्रॉपर्टी जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में यहां जमीन के दाम और बढ़ सकते हैं.
IMT के पास नवादा गांव में तेजी से बढ़ रही कीमतें
Local18 से बातचीत में डीलर विजय ऋषि मलिक बताते हैं कि फरीदाबाद में नवादा नाम के दो गांव हैं, लेकिन यहां जिस गांव की बात हो रही है, वह तिगांव क्षेत्र का नवादा गांव है. यह गांव IMT सेक्टर-68 और सेक्टर-69 से सटा हुआ है. वहीं, सेक्टर-71 की जमीन भी इसी गांव के क्षेत्र से विकसित हुई है. IMT के विस्तार और लगातार हो रहे औद्योगिक विकास का सबसे ज्यादा फायदा इसी इलाके को मिल रहा है.
विजय ऋषि मलिक बताते हैं कि अगर यहां की कृषि भूमि की बात करें तो सामान्य लोकेशन पर सर्कल रेट करीब 1 करोड़ 78 लाख रुपये प्रति एकड़ है. वहीं, प्राइम लोकेशन पर यह कीमत करीब 2 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच जाती है. अगर रिहायशी प्लॉट की बात करें तो सर्कल रेट करीब 13,200 रुपये प्रति गज है, जबकि कमर्शियल जमीन का सर्कल रेट करीब 22,000 रुपये प्रति गज बताया जाता है. IMT से सटे होने की वजह से इस इलाके की मांग लगातार बढ़ रही है.
IMT की कंपनियों से नवादा गांव बना निवेश का केंद्र
विजय ऋषि मलिक बताते हैं कि IMT सेक्टर-68 और सेक्टर-69 में लगातार बड़ी कंपनियां आ रही हैं. पूरा इलाका तेजी से इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित हो रहा है. इसका फायदा गांव के लोगों के साथ-साथ यहां घर बनाने वाले परिवारों को भी मिल रहा है. लोगों को रोजगार के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ता और आसपास ही नौकरी के अच्छे अवसर मिल जाते हैं. यही वजह है कि निवेश के लिहाज से भी लोग इस गांव को अच्छा विकल्प मान रहे हैं.
IMT से चमकी नवादा की किस्मत, बढ़ी प्रॉपर्टी की मांग
विजय ऋषि मलिक बताते हैं कि फिलहाल गांव की अपनी लोकल मार्केट लगती है. इसके अलावा आसपास के मुझेड़ी गांव की मार्केट का भी लोग इस्तेमाल करते हैं. अगर मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल और बड़े बाजार की बात करें तो लोगों को बल्लभगढ़ जाना पड़ता है. गांव से इन सभी सुविधाओं की दूरी करीब 7 किलोमीटर है, जबकि बल्लभगढ़ का मुख्य घंटाघर बाजार करीब 5 किलोमीटर दूर पड़ता है.
स्कूल और बाजार की सुविधाएं भी उपलब्ध
शिक्षा की बात करें तो आसपास स्कूलों की भी अच्छी सुविधा उपलब्ध है. कुल मिलाकर IMT की वजह से नवादा गांव तेजी से विकसित हो रहा है और यही कारण है कि यहां प्रॉपर्टी खरीदने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है.











