अंबाला. गुरुवार को हरियाणा के अंबाला में सिख समुदाय के सदस्यों का प्रदर्शन उग्र हो गया. सभी प्रदर्शनकारी का चल रहा प्रोटेस्ट इंटरनेशनल एंटी-खालिस्तानी टेररिस्ट फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंद की गिरफ्तारी को लेकर किया जा रहा है. सरकार से उनकी मांग है कि कि गरसमरन को गिरफ्तार किया जाए. अपनी मांग को मनवाने के लिए भारी संख्या में लोग पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे के पास जमा हुए और हाईवे को जाम कर दिया. पुलिस ने जब जाम को खुलवाने की कोशिश की तो भीड़ ने अधिकारियों पर हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि इसमें DSP बुरी तरह से जख्मी हुए हैं. कथित तौर पर उनका हाथ काटने की खबर सामने आ रही है.
गुरसिमरन सिंह को गिरफ्तार किए जाने की मांग लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने हाईवे जाम कर दिया. जब इसकी शिकायत की गई तो अंबाला पुलिस ने एक्शन लिया. वो मौके पर पहुंची और पहले मामला समझा. इसके बाद पुलिस की तरफ से रास्ता पर लगे जाम को खुलवाने की कोशिश की. इस घटना के बारे में अंबाला के एसपी अजीत सिंह शेखावत ने बताया, प्रदर्शनकारियों से मिलकर पुलिस ने बात की और काफी देर तक कई दौर की बातचीत की गई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बार-बार जाम हटाने की अपील की लेकिन वो अपनी मांग पर अड़े रहे. जानकारी के मुताबिक पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने की कोशिश में हल्का बल प्रयोग किया जिसके बाद लोगों ने पुलिस पर ही हमला कर दिया. कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर कथित हमला किए जाने के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.
इस प्रदर्शन के दौरान जो सबसे शर्मनाक घटना हुई उसमें डीएसपी का हमले में बुरी तरह घायल होना है. अंबाला के एसपी के मुताबिक झड़प के दौरान एक DSP पर फरसे से कथित तौर पर हमला किया गया. यह हमला इतना जघन्य था कि इसमें वो बुरी तरह से घायल हो गए. बताया जा रहा है कि डीएसपी का हाथ कट गया है और पुलिस अधिकारी के अंगूठे पर भी गंभीर चोट लगने की बात कही गई है. गुरसिमरन की गिरफ्तारी की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के पास धारदार हथियार थे. एसपी शेखावत ने बताया कि हाईवे को खाली कराने के लिए पुलिस ने आवश्यक बल का इस्तेमाल किया. प्रदर्शनकारियों में कुछ लोग भाले, फरसे, तलवार और कुल्हाड़ी जैसे हथियार लेकर मौजूद थे.














