इटावा : सांप काटने की कई घटनाएं हर साल देखने को मिलती हैं. कई सांप बेहद जहरीले होते हैं और उनके काटने से लोगों की मौत हो जाती है. बरसात के मौसम में सांप ज्यादा देखने को मिलते हैं, क्योंकि उनके बिल में पानी भर जाता है. सांप को देखकर डर लगना भी आम है. मगर, इटावा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां के रहने वाले अंकुश यादव को रक्षाबंधन के बाद 20 दिन के अंदर-अंदर 6 बार जहरीले सांप काट चुके हैं. पर शुक्र है कि उनकी जान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.
यह है मामला
21 साल के अंकुश यादव उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के जसवंतनगर इलाके के नगला भगत गांव का रहने वाले हैं. वह गुरुग्राम में एक कॉल सेंटर में काम करते हैं. रक्षाबंधन के बाद 20 दिन से लगातार सांप उसको काट रहा है. इससे अंकुश और उसका परिवार बहुत परेशान हैं. हर घटना के बाद अंकुश को उपचार के लिए कभी इटावा जिला अस्पताल तो यूनिवर्सिटी ले जाया जाता है. सोमवार शाम करीब सात बजे भी वह अपने पिता, चाचा और गांव के लोगों के साथ इटावा मुख्यालय स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय की इमरजेंसी पहुंचा. बता दें, अंकुश यादव अर्जेश यादव का इकलौता बेटा है और उनकी तीन बेटियां हैं. वह किसान हैं, जबकि बेटा गुड़गांव में एक कॉल सेंटर में काम करता है.
परिवार के मुताबिक पिछले महीने अंकुश अपने घर आया था. इसके बाद से उसके साथ एक के बाद एक सांप के काटने की घटनाएं होने लगीं. बार-बार ऐसी घटनाओं के सामने आने से परिवार के लोग भी भय में हैं. उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इस समस्या से कैसे बचा जा सके. वहीं, अंकुश यादव का कहना है कि पिछले करीब 20 दिनों से उसे लगातार सांप काट रहा है. हर बार उसने काले रंग के सांप को अपनी आंखों से देखा है. कुछ दिन पहले वह अपने दोस्त के साथ नवा टेड़ा गांव में अपनी मौसी के घर गया था. वहां भी उसे सांप ने काट लिया था. इसके बाद उसे सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी ले जाया गया, जहां वह दो दिन तक भर्ती रहकर उपचार कराता रहा.
क्या बोले डॉक्टर?
सोमवार शाम करीब सात बजे अंकुश एक बार फिर अपने पिता, चाचा और गांव के लोगों के साथ इटावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचा. परिवार ने डॉक्टरों को बताया कि युवक को पिछले 20 दिनों में करीब छह बार सांप काट चुके हैं. बार-बार सांप काटने की बात सामने आने के बाद अस्पताल में भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. इमरजेंसी चिकित्सक डॉ. ओमकांत राजपूत ने बताया कि युवक पिछले दो-तीन बार जिला अस्पताल की इमरजेंसी में उपचार के लिए आ चुका है. सोमवार को भी युवक आया और उसने पैर में सांप के काटने की बात बताई. युवक को फिलहाल रात में निगरानी में रखा गया है. युवक और उसके परिवार की ओर से बताया गया है कि करीब 20 दिनों में उसे छह बार सांप काट चुका है.
लगातार सांप के काटने की बात सामने आने के कारण युवक के इलाज को लेकर भी चिकित्सकों को सावधानी बरतनी पड़ रही है. परिवार की ओर से हर बार सांप के काटने की जानकारी दी जा रही है. ऐसे में युवक को एंटी वेनम और टिटनिस का इंजेक्शन दिए जाने को लेकर भी चिकित्सक स्थिति को ध्यान में रखकर फैसला कर रहे हैं. युवक को फिलहाल चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है.
अंकुश के चाचा राजेंद्र कुमार ने बताया कि घटनाओं के बाद परिवार युवक को एक भगत के पास भी लेकर गया था. परिवार को उम्मीद थी कि वहां से इस परेशानी का कोई समाधान मिल सकेगा, लेकिन भगत ने भी इस मामले में हाथ खड़े कर दिए. राजेंद्र कुमार के मुताबिक लगातार हो रही घटनाओं के कारण परिवार के लोग भयभीत हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर अंकुश को इस परेशानी से कैसे छुटकारा मिले.
हो सकता है स्नेक बाइट फोबिया
सर्पमित्र विशेषज्ञ डॉ. आशीष त्रिपाठी ने इस मामले को लेकर अलग संभावना जताई है. उनका कहना है कि युवक जिस तरह से बार-बार सांप के काटने की घटना बता रहा है. फिलहाल ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा कि हर बार वास्तव में सांप ने ही उसे काटा हो. उन्होंने संभावना जताई कि युवक स्नेक बाइट फोबिया से ग्रसित हो सकता है.
डॉ. आशीष त्रिपाठी के मुताबिक, स्नेक बाइट फोबिया की स्थिति में व्यक्ति को शरीर पर किसी भी तरह की चोट या अलग तरह का अहसास होने पर सांप के काटने जैसा महसूस हो सकता है. हालांकि युवक की ओर से लगातार सांप देखने का दावा किया जा रहा है. ऐसे में पूरे मामले को लेकर चिकित्सकीय निगरानी और सही जांच जरूरी मानी जा रही है.











