गुरुग्राम. हरियाणा के गुरुग्राम की पांच डीएलएफ कॉलोनियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए प्लॉट आवंटित किए गए थे. लेकिन अब इन प्लाटों में बहुमंजिला इमारतें और व्यावसायिक गतिविधियां सामने आई हैं. टीसीपी के सर्वे में अब बड़े खुलासे हुए हैं. यहां पर जिम, सात फ्लोर तक के भवन और क्लीनिक खोले गए हैं और ऐसे में इन कॉलोनियों की 5,099 संपत्तियों में से करीब 43 प्रतिशत को अनधिकृत निर्माण या व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए चिन्हित किया गया है. हालांकि अब तक केवल 102 संपत्तियों पर ही कार्रवाई हो पाई है.
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पांचों डीएलएफ कॉलोनियों में कुल 4,330 संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 4,810 संपत्तियों के खिलाफ बहाली के आदेश जारी हो चुके हैं.
दरअसल, 15 दिसंबर 2025 से बनाई गई रिपोर्ट 10 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल गई थी थी और इस हलफनामे में 7 सितंबर 2026 तक अपडेट किया गया और कई खुलासे किए गए हैं. रिपोर्ट में पता चला है कि इन कॉलोनियों में यू ब्लॉक में सबसे ज्यादा उल्लंघन हुआ है और अवैध निर्माण, अनधिकृत मंजिलों और आवासीय प्लॉटों का व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है. फेस-3 में उल्लंघनों की संख्या सबसे अधिक बताई गई है.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, डीएलएफ फेज-V में 204 चिन्हित संपत्तियों में से 128 यानी 62.75 प्रतिशत प्लॉट गरीबों को बांटे गए थे. साथ ही फेस-IV में 356 जगह उल्लंघन मिला है और इसमें 158 यानी 44.38 प्रतिशत प्लाट गरीबों को दिए गए थे. फेस-I में 464 चिन्हित संपत्तियों में करीब 19 उल्लंघन के केस मिले हैं.
35 कॉलोनियों में 8,248 उल्लंघन
टीसीपी के हलफनामे के अनुसार, अगस्त-सितंबर 2026 में गुरुग्राम की 35 लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में सर्वे किया गया. करीब 8,248 संपत्तियों में पहली नजर में भवन योजना के उल्लंघन या अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल पाए गए. इन कॉलोनियों का कुल क्षेत्रफल करीब 8,309.8 एकड़ है और इनमें 65,127 स्वीकृत प्लॉट हैं. 7 सितंबर 2026 तक 8,248 चिन्हित संपत्तियों में से 6,465 को कारण बताओ नोटिस और 4,810 को बहाली के आदेश जारी किए जा चुके थे. हालांकि मौके पर सीलिंग या तोड़फोड़ की कार्रवाई केवल 128 संपत्तियों पर हुई, जबकि 120 संपत्तियों को बहाल किया गया.
विभाग का कहना है कि कार्रवाई चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से की जा रही है. विभाग के अनुसार संपत्तियों की पहचान मात्र को अंतिम रूप से उल्लंघन का निर्धारण नहीं माना गया है और नोटिस, संपत्ति मालिकों के जवाब तथा सुनवाई के बाद नियमानुसार आदेश पारित किए जाएंगे.











