Haryana News: हरियाणा के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर वीरवार को इंद्री में बिजली कर्मचारियों ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) की ओर से इलेवन पावर प्राइवेट कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बिजली बोर्ड कार्यालय से रोष मार्च शुरू किया, जो बाजार से होता हुआ बस स्टैंड पर संपन्न हुआ। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि तय समय सीमा बीतने के बावजूद उनकी लंबित समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। इसके विपरीत नूंह और गुरुग्राम में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को लाइसेंस दे दिया गया। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि यह फैसला प्रदेश में बिजली व्यवस्था के निजीकरण की दिशा में बड़ा कदम है, जिससे बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों में भारी रोष है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा को निजी कंपनियों के हवाले करने से कर्मचारियों के हित प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और बिजली वितरण के निजीकरण से जुड़े फैसले संयुक्त संघर्ष मोर्चा के साथ बातचीत किए बिना आगे न बढ़ाए जाएं। उन्होंने ऐलान किया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर 22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल की जाएगी। यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि सरकार के रवैये के कारण उन्हें बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
कर्मचारी नेताओं ने सरकार से अपने वादे निभाने और बिजली वितरण के निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि हड़ताल के कारण आम जनता या बिजली विभाग को किसी प्रकार की परेशानी होती है तो इसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।









