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Ambala ki local news : दिवाली नजदीक आते ही आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. अंबाला जिले में दमकल विभाग इस बार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. सभी कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है. अंबाला जिले में अग्निशमन के लिए कुल 29 गाड़ियां हैं. शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में आग लगने की स्थिति में कम समय में पहुंचने के लिए आठ छोटी मोटरसाइकिलें भी तैयार की गई हैं. अंबाला छावनी फायर स्टेशन के अधिकारी पंकज शर्मा लोकल 18 से बताते हैं कि दमकल कर्मचारियों की 12-12 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
अंबाला. दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों और घरों में सजावट के साथ पटाखों की खरीद भी शुरू हो जाती है, लेकिन इस दौरान छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. इसी को देखते हुए अंबाला जिले में दमकल विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. विभाग ने दिवाली तक सभी कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है, ताकि आगजनी की किसी भी घटना से समय रहते निपटा जा सके. अंबाला शहर और अंबाला छावनी क्षेत्र में अतिरिक्त दमकल गाड़ियां तैनात करने की तैयारी की जा रही है. दमकल विभाग के अनुसार, अंबाला जिले में अग्निशमन के लिए कुल 29 गाड़ियां हैं. इनमें अंबाला छावनी में 14, अंबाला शहर में 10 और नारायणगढ़ में 3 गाड़ियां तैनात हैं. बराड़ा में 2 गाड़ियां उपलब्ध है.
शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में आग लगने की स्थिति में कम समय में पहुंचने के लिए आठ छोटी मोटरसाइकिलें भी तैयार की गई हैं. संकरी गलियों और ऐसे स्थानों पर, जहां बड़ी दमकल गाड़ियों को पहुंचने में परेशानी हो सकती है, ये बाइक काम आएंगी. हालांकि, दमकल विभाग लंबे समय से कर्मचारियों और आधुनिक उपकरणों की कमी जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है. ऐसे में त्योहार के दौरान उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना और समय पर घटनास्थल तक पहुंचना विभाग के लिए जरूरी रहेगा.
अंबाला छावनी फायर स्टेशन के अधिकारी पंकज शर्मा लोकल 18 से बताते हैं कि दिवाली को देखते हुए विभाग की तैयारियां की जा रही हैं. दमकल कर्मचारियों की 12-12 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके. उन्होंने लोगों से अपील की कि जब भी उन्हें सड़क पर दमकल की गाड़ी आती दिखाई दे, तो उसे रास्ता जरूर दें. कई बार ट्रैफिक में रास्ता नहीं मिलने के कारण दमकल गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में देरी हो सकती है, जिससे नुकसान बढ़ने का खतरा रहता है.
सावधानी बरतना जरूरी
पंकज शर्मा ने बताया कि आगजनी की कई घटनाएं छोटी-छोटी गलतियों के कारण होती हैं. लोगों को पटाखे जलाते समय अपने पास एक बाल्टी पानी और रेत जरूर रखनी चाहिए. बच्चों को कभी भी अकेले पटाखे नहीं जलाने देने चाहिए. माता-पिता उनके आसपास मौजूद रहें, ताकि किसी हादसे की स्थिति में तुरंत मदद की जा सके. घर और मंदिरों में सजावट करते समय भी सावधानी बरतना जरूरी है. दीपक को सुरक्षित जगह पर रखें और उसके नीचे धातु की थाली या उपयुक्त अग्निरोधी सतह का इस्तेमाल करें. जलते दीपक को पर्दों, कागज, कपड़े और ज्वलनशील सजावटी सामान से दूर रखें. दीपक या अखंड ज्योत को ऐसी सुरक्षित जगह पर रखें, जहां उसे कोई अनजाने में गिरा न सके.
इससे लगने का खतरा
उन्होंने बताया कि दिवाली पर घरों और दुकानों में बिजली की लड़ियां लगाने के दौरान भी सावधानी बरतना जरूरी है.एक ही तार या सॉकेट पर जरूरत से ज्यादा लोड डालने से शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए बिजली की सजावट में अच्छी गुणवत्ता वाले तारों का इस्तेमाल करें और क्षमता से अधिक लोड न डालें.खराब तारों या ढीले कनेक्शन को नजरअंदाज न करें ओर दमकल विभाग की तैयारियों के साथ लोगों की सतर्कता भी बेहद जरूरी है.सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने, बच्चों पर नजर रखने और आग लगने की स्थिति में तुरंत दमकल विभाग को सूचना देने से बड़े हादसों को टाला जा सकता है, दिवाली की खुशियां बरकरार रखने के लिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…









