सिरसा जिले में डेरा सच्चा सौदा से जुड़े शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों को लेकर एक अहम प्रशासनिक फैसला सामने आया है। डेरा सच्चा सौदा के ट्रस्ट श्री शाह सतनाम जी अनुसंधान एवं विकास फाउंडेशन को स्कूलों और अस्पतालों सहित कुल 10 संस्थानों के संचालन की अनुमति मिल गई है। यह निर्णय सिरसा जिला प्रशासन ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए लिया है।
जिला प्रशासन द्वारा हाईकोर्ट के आदेशों पर जिला अटॉर्नी से कानूनी राय लेने के बाद डेरा सच्चा सौदा परिसर में स्थित इन 10 संस्थानों का कामकाज औपचारिक रूप से ट्रस्ट को सौंप दिया गया है। प्रशासनिक स्तर पर इस कदम को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को रेप मामले में सजा सुनाए जाने के बाद हुई हिंसा के मद्देनज़र, इन संस्थानों के संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने छात्रों और मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन संस्थानों को अस्थायी व्यवस्था के तहत चलाने के निर्देश दिए थे।
हाईकोर्ट ने 4 अप्रैल 2018 को दीवानी रिट याचिका (CWP) की सुनवाई के दौरान आदेश पारित करते हुए कहा था कि जब तक इन संस्थानों की वैधता और पुनर्स्थापन से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तब तक इन्हें एक अंतरिम व्यवस्था के तहत संचालित किया जाना आवश्यक है। इसके तहत सिरसा उपायुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और सरकारी स्कूलों व कॉलेजों के दो सेवानिवृत्त प्रधानाचार्यों की एक समिति को अस्थायी शासी निकाय के रूप में गठित किया गया था।
इस समिति को न केवल संस्थानों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी, बल्कि बैंक खातों के संचालन का अधिकार भी सौंपा गया था। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार, कर्मचारियों के वेतन, बिजली-पानी के बिल और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए समिति की पूर्व स्वीकृति से धनराशि का उपयोग किया जाना था। साथ ही, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों की दैनिक गतिविधियों पर होने वाले खर्च का पूरा विवरण रखकर न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश भी दिए गए थे।
दरअसल, डेरा सच्चा सौदा से जुड़े कई शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर यह चिंता जताई थी कि बैंक खाते सील होने के कारण शिक्षकों, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। इससे संस्थानों के संचालन में गंभीर दिक्कतें आ रही थीं और बच्चों की पढ़ाई व मरीजों के इलाज पर असर पड़ने की आशंका जताई गई थी।
अब जिला प्रशासन के ताजा फैसले के बाद इन 10 संस्थानों के संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। ट्रस्ट को जिम्मेदारी सौंपे जाने से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के नियमित और व्यवस्थित संचालन की उम्मीद की जा रही है, जिससे छात्रों, अभिभावकों और मरीजों को राहत मिलेगी।









