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चंडीगढ़ में नशे के बढ़ते नेटवर्क और देर रात तक चलने वाली बेलगाम पार्टियों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन बड़ा कदम उठाने जा रहा है. पंजाब के राज्यपाल और यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने क्लबों को रात 1 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद करने का प्रस्ताव रखा है. इसके तहत रात 12 बजे के बाद क्लबों में एंट्री बंद हो जाएगी.
चंडीगढ़ में आधी रात की पार्टियों पर ब्रेक, प्रशासन ला रहा क्लब्स बंद करने का फरमान. (AI Generated Image)
चंडीगढ़ की मशहूर नाइट लाइफ और देर रात तक थिरकते क्लब्स पर प्रशासन अब शिकंजा कसने की पूरी तैयारी में है. पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने साफ कर दिया है कि शहर में नशे से जुड़ी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए क्लबों के संचालन समय को घटाया जाएगा. अब तक शहर में तड़के 3 से 4 बजे तक पार्टियां चलती हैं, लेकिन नए प्रपोजल के बाद आधी रात के बाद ही शटर गिरना तय माना जा रहा है. प्रशासन का मुख्य फोकस क्लब्स को नशे का हब बनने से रोकना और देर रात होने वाले क्राइम पर अंकुश लगाना है.
आखिर चंडीगढ़ में क्लब्स को रात 1 बजे ही बंद करने की नौबत क्यों आई?
शहर के कई इलाकों में देर रात तक चलने वाले पब्स और डिस्कोथेक सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा सिरदर्द बन चुके हैं. कई क्लब्स सुबह 4 बजे तक खुले रहते हैं, जिसकी आड़ में अवैध नशा परोसे जाने और हुड़दंग की शिकायतें लगातार मिल रही थीं. प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के मुताबिक प्रशासन की टीम इस मुद्दे पर काफी समय से ग्राउंड वर्क कर रही थी. इन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए क्लबों की टाइमिंग तय करना बेहद जरूरी हो गया था.
नए प्रपोजल में क्लब जाने वालों और ओनर्स के लिए क्या नियम तय हुए हैं?
तैयार किए जा रहे ड्राफ्ट के मुताबिक क्लबों में एंट्री का समय रात 12 बजे तक ही सीमित रहेगा. इसके बाद किसी भी कस्टमर को अंदर जाने की इजाजत नहीं मिलेगी. 12 बजे के बाद क्लब मैनेजमेंट को पूरा सेटअप समेटने और बिलिंग के लिए सिर्फ एक घंटे की मोहलत मिलेगी. रात ठीक 1 बजे हर हाल में क्लब को पूरी तरह शटडाउन करना अनिवार्य होगा.
क्या सिर्फ टाइमिंग घटेगी या क्लबों के भीतर भी पैनी नजर रखी जाएगी?
प्रशासन केवल शटर गिराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्लबों के भीतर की हर एक्टिविटी की सख्त स्क्रूटनी होगी. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि डांस फ्लोर और लाउंज का इस्तेमाल ड्रग्स सप्लाई या नशे के अड्डों के तौर पर न हो. अगले कुछ ही दिनों में इस प्रपोजल पर अंतिम मुहर लगाकर इसे शहरभर में सख्ती से लागू कर दिया जाएगा.
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दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
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