बच्चा स्कूल पहुंचा तो घर बैठे मिलेगा मैसेज, फरीदाबाद के सरकारी स्कूल ने शुरू की खास डिजिटल सुविधा, जानिए इसके फायदे

On: September 23, 2026 10:47 AM
Follow Us:

Last Updated:

फरीदाबाद के सेक्टर-10 सरकारी स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए डिजिटल आई कार्ड शुरू किया गया है. बच्चा स्कूल पहुंचते ही कार्ड पंचिंग मशीन पर टच करेगा तो माता-पिता के मोबाइल पर मैसेज पहुंचेगा. छुट्टी के बाद स्कूल से निकलते समय भी अलर्ट मिलेगा. पहली से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को यह सुविधा दी जा रही है.

फरीदाबाद: बच्चे घर से स्कूल के लिए निकलते हैं तो माता-पिता के मन में यही रहता है कि बच्चा सुरक्षित स्कूल पहुंचा या नहीं. खासकर बेटियों को लेकर मां-बाप की चिंता और ज्यादा रहती है. इसी चिंता को दूर करने के लिए फरीदाबाद के सेक्टर 10 स्थित सरकारी स्कूल में डिजिटल आई कार्ड की सुविधा शुरू की गई है. बच्चा स्कूल पहुंचकर आई कार्ड पंचिंग मशीन पर टच करता है तो पेरेंट्स के मोबाइल पर मैसेज पहुंच जाता है कि बच्चा स्कूल पहुंच चुका है. छुट्टी के बाद स्कूल से निकलते समय भी कार्ड पंच करने पर घरवालों को मैसेज मिल जाता है. हरियाणा का पहला यह सरकारी स्कूल है जहां पर इस पहल की शुरुआत हुई है.

आई कार्ड टच करते ही पेरेंट्स को मैसेज मिलेगा

इस डिजिटल आई कार्ड की खास बात यह है कि बच्चे के स्कूल पहुंचने और वहां से निकलने का रिकॉर्ड अपने आप दर्ज हो जाता है. स्कूल में एंट्री करते समय बच्चा अपना आई कार्ड पंचिंग मशीन के सामने टच करता है तो सिस्टम बच्चे की इन एंट्री दर्ज कर देता है और माता-पिता के मोबाइल पर टेक्स्ट मैसेज चला जाता है. छुट्टी के समय बच्चा जब आई कार्ड पंच करके स्कूल से बाहर निकलता है तो उसकी आउट एंट्री दर्ज हो जाती है और पेरेंट्स को मैसेज मिल जाता है कि बच्चा स्कूल से निकल चुका है. यह सुविधा पहली कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए शुरू की गई है.

Local18 से बातचीत में फरीदाबाद सेक्टर 10 स्कूल के प्रिंसिपल रामवीर बताते हैं कि डिजिटल की दुनिया में बच्चों के लिए यह बहुत अच्छी पहल है. यह शहरी क्षेत्र का स्कूल है और यहां छोटे बच्चों से लेकर बड़े बच्चे तक पढ़ते हैं. स्कूल के लिए निकलते समय माता-पिता चिंता में रहते हैं, लेकिन डिजिटल माध्यम से जैसे ही बच्चा अपना आई कार्ड पंचिंग मशीन पर टच करता है, उसकी एंट्री दर्ज हो जाती है और घर पर मैसेज पहुंच जाता है कि बच्चा विद्यालय आ गया है.

इससे मां-बाप को संतुष्टि मिलती है और उनकी चिंता भी दूर होती है. रामवीर बताते हैं कि लड़कियों की सुरक्षा के लिए यह खास तौर पर अच्छा कदम है. बच्चे के आने और जाने का समय भी पता चल जाता है. पेरेंट्स भी इस पहल को लेकर काफी खुश हैं और उन्हें गर्व महसूस होता है कि उनके बच्चे ऐसे सरकारी स्कूल में पढ़ रहे हैं. उनके मुताबिक हरियाणा के शायद किसी सरकारी स्कूल में ऐसी सुविधा नहीं है और संभव है कि कई प्राइवेट स्कूलों में भी यह सुविधा न हो. इस डिजिटल सिस्टम पर कई दिनों से काम चल रहा था. स्थानीय विधायक की टीम ने भी इसमें मदद की और इसके लिए गुरुग्राम से टेक्नो क्रश को हायर किया गया. फिलहाल 50 फीसदी से अधिक बच्चों के डिजिटल आई कार्ड बन चुके हैं और बाकी बच्चों के कार्ड बनाने का काम जारी है.

छात्रों ने बताया डिजिटल कार्ड का फायदा क्या

12वीं कक्षा के छात्र अभिषेक बताते हैं कि इस आई कार्ड से उन्हें काफी फायदा हुआ है. जब वह स्कूल आते हैं तो आई कार्ड पंच किया जाता है और मम्मी-पापा को पता चल जाता है कि वह स्कूल पहुंच चुके हैं. छुट्टी के समय भी कार्ड पंच किया जाता है, जिससे घरवालों को पता चल जाता है कि वह स्कूल से निकल चुके हैं. उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल सर ने यह सुविधा शुरू करवाई है और यह काफी अच्छी पहल है.

12वीं कक्षा की छात्रा कविता बताती हैं कि मुझे मिला डिजिटल आई कार्ड सुरक्षा के लिहाज से काफी अच्छा है. स्कूल पहुंचने पर आई कार्ड पंच करने से मम्मी-पापा को पता चल जाता है कि मैं स्कूल पहुंच चुकी हूं और स्कूल से निकलते समय भी उन्हें मैसेज मिल जाता है. छात्रा संगीता बताती हैं कि डिजिटल आई कार्ड देखकर मुझे काफी अच्छा लग रहा है. स्कूल में एंट्री करते समय और जाते समय दोनों बार माता-पिता के पास मैसेज पहुंच जाता है. बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से यह काफी अच्छी पहल है.

About the Author

authorimg

Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…

और पढ़ें

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now

और पढ़ें