हरियाणा में कड़ाके की ठंड से गोवंश पर संकट, एक सप्ताह में 345 की मौत, कैथल-करनाल-भिवानी में हालात गंभीर

On: January 16, 2026 10:21 AM
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हरियाणा में कड़ाके की ठंड से गोवंश पर संकट, एक सप्ताह में 345 की मौत, कैथल-करनाल-भिवानी में हालात गंभीर

हरियाणा में जारी कड़ाके की ठंड अब गोवंश के लिए गंभीर संकट बनती जा रही है। बीते एक सप्ताह के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों की गोशालाओं में ठंड और पाले के कारण 345 गोवंश की मौत दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा मौतें कैथल, करनाल और भिवानी जिलों से सामने आई हैं, जिससे गोवंश संरक्षण व्यवस्था और ठंड से बचाव की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

हालांकि कुरुक्षेत्र, जींद, झज्जर, पानीपत और चरखी दादरी जैसे जिलों में समय रहते किए गए प्रबंधों के चलते स्थिति अपेक्षाकृत नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन लगातार गिरते तापमान और शीतलहर के कारण गोशालाओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। कमजोर, बीमार और खुले स्थानों पर रखे गए गोवंश ठंड की सबसे ज्यादा चपेट में आ रहे हैं।

कैथल जिले में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक बने हुए हैं। यहां की 11 गोशालाओं में बीते सात दिनों के दौरान 155 गोवंश की मौत हो चुकी है। इसके अलावा जिले की अन्य 11 गोशालाओं में भी मौतों का आंकड़ा 50 से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है। कैथल में कुल 22 पंजीकृत गोशालाएं हैं, जिनमें 25 हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। आरोप है कि सरकारी ग्रांट मिलने के बावजूद कई गोशालाओं में ठंड से बचाव के इंतजाम जमीन पर पूरी तरह प्रभावी नजर नहीं आ रहे।

करनाल जिले में भी सर्दी गोवंश पर भारी पड़ रही है। यहां 27 पंजीकृत और तीन अपंजीकृत गोशालाओं में करीब 23 हजार गोवंश रखे गए हैं। सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन औसतन 10 गोवंश की मौत होती थी, वहीं ठंड बढ़ने के बाद यह संख्या 25 से 30 प्रतिदिन तक पहुंच गई है। गोशाला प्रबंधन का कहना है कि कमजोर और बीमार गोवंश ठंड की चपेट में सबसे पहले आ रहे हैं।

भिवानी जिले में हालात और भी गंभीर हैं। यहां बीते एक सप्ताह में 190 गोवंश की मौत दर्ज की गई है। जिले में 44 गोशालाएं, तीन शहरी गोशालाएं और एक नंदीशाला संचालित हैं, जिनमें करीब 26 हजार गोवंश रखे गए हैं। खुले शैड में रखे गए गोवंश पर ठंड का असर अधिक देखने को मिल रहा है, जिससे मौतों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

बहादुरगढ़ के सिदीपुर गांव में भी ठंड ने कहर बरपाया है। यहां डिफेंस कॉलोनी क्षेत्र में ठहरे राजस्थानी चरवाहों की 25 गायों की मौत हो चुकी है। बताया गया कि गायों को सिदीपुर गांव के श्मशान घाट के पास रखा गया था, जहां कुछ ही देर में वे बीमार पड़ने लगीं। मौके पर ही दो गायों की मौत हो गई थी, जबकि अगले दो दिनों में मरने वाले पशुओं की संख्या 25 तक पहुंच गई।

सिरसा जिले में गोशालाओं की स्थिति को फिलहाल सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन बेसहारा गोवंश चिंता का बड़ा कारण बने हुए हैं। यहां ठंड के कारण प्रतिदिन चार से पांच बेसहारा गोवंश की मौत हो रही है। इसके अलावा सड़कों पर हादसों में भी गोवंश के मारे जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

प्रदेश में बढ़ती गोवंश मौतों के बीच अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या गोशालाओं में ठंड से बचाव के इंतजाम पर्याप्त हैं। पशुपालक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि गोशालाओं में तुरंत अतिरिक्त चारे, दवाइयों, तिरपाल, हीटर और बंद शैड की व्यवस्था की जाए, ताकि ठंड के इस प्रकोप से गोवंश को बचाया जा सके।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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