फरीदाबाद: फरीदाबाद के डीग गांव और उसके आसपास के गांवों के किसान इन दिनों बिजली की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं. किसानों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से खेतों की बिजली नहीं आई है. इसकी वजह से धान की फसल को पानी नहीं मिल पा रहा है और सब्जियां भी सूखने लगी हैं. खेतों में दिन-रात रहने वाले किसानों के सामने पीने के पानी तक का संकट खड़ा हो गया है. किसान का कहना हैं एसडीओ और जेईई को कई बार फोन किया जाता है, लेकिन या तो फोन उठाया नहीं जाता या फिर स्विच ऑफ मिलता है. किसानों का आरोप है कि यह समस्या सिर्फ डीग गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि सुनपेड़ समेत आसपास के गांव भी इसी परेशानी से गुजर रहे हैं.
8 मिनट भी लगातार बिजली नहीं
Local18 से बातचीत में डीग गांव के किसान अभय सिंह बताते हैं. सबसे बड़ी परेशानी बिजली की है. सरकार 8 घंटे बिजली देने की बात करती है, लेकिन 8 मिनट भी लगातार बिजली नहीं मिलती. मेरा फीडर ऊंचा गांव से जुड़ा है और जब एसडीओ या जेईई को फोन करते हैं तो फोन नहीं उठाते. ज्यादा फोन करने पर नंबर तक ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाता है. अभय सिंह बताते हैं मेरी 5 एकड़ खेती है, लेकिन पानी नहीं मिलने से धान की सिंचाई नहीं हो पा रही है और बिजली आने का कोई तय समय भी नहीं है.
अभय सिंह बताते हैं बिजली नहीं मिलने की वजह से मेरी मूंग की फसल पहले ही खराब हो चुकी है. अब धान की फसल भी खतरे में है. कई किसान 24 घंटे खेतों में ही रहते हैं, लेकिन वहां पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है. पानी लेने के लिए कई किलोमीटर दूर गांव जाना पड़ता है. रात 2 बजे बिजली देने का कोई फायदा नहीं है, क्योंकि किसान दिनभर खेतों में काम करता है. अगर दिन में 8 घंटे रोजाना बिजली मिले तो खेती आसानी से हो सकती है.
40 साल की खेती फिर भी बिजली बनी सबसे बड़ी मुसीबत
बल्लभगढ़ के सुनपेड़ गांव के किसान बलवीर बताते हैं मैं करीब 40 साल से खेती कर रहा हूं. लेकिन बिजली की समस्या आज तक खत्म नहीं हुई. खेतों में कभी एक-दो घंटे बिजली आती है और फिर चली जाती है. कई बार लगातार तीन दिन तक बिजली नहीं आती. धान की फसल में समय पर पानी देना जरूरी होता है… लेकिन बिजली नहीं मिलने से सिंचाई नहीं हो पा रही है. यह समस्या सिर्फ इस मौसम की नहीं, बल्कि पूरे साल बनी रहती है.
3 दिन से अंधेरे में खेत, धान सूखने की कगार पर
किसान ललित बताते हैं खेतों की बिजली लंबे समय से सबसे बड़ी परेशानी बनी हुई है. बिजली समय पर नहीं आती और जब आती भी है तो बहुत कम समय के लिए रहती है. इससे खेती का पूरा काम प्रभावित हो जाता है. किसानों को हर बार यही उम्मीद रहती है व्यवस्था सुधरेगी, लेकिन हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं.
किसान फुलकीत रावत बताते हैं सरकार 8 घंटे बिजली देने की बात करती है लेकिन खेतों में मुश्किल से 2 घंटे बिजली मिलती है. पिछले तीन दिनों से तो बिजली बिल्कुल नहीं आई है. अधिकारियों को फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिलता. धान की फसल को लगातार पानी चाहिए, लेकिन बिजली नहीं होने से सिंचाई पूरी नहीं हो पा रही है और किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है.
बिजली नहीं आई तो फसल बचाना होगा मुश्किल
किसान तुषार रावत बताते हैं मेरी 12 एकड़ खेती है और बिजली की समस्या से सबसे ज्यादा नुकसान खेती को हो रहा है. पिछले तीन दिनों से खेतों में बिजली नहीं आई. कई बार फोन करने पर अधिकारी फोन नहीं उठाते और कभी उठाते भी हैं तो बाद में नंबर ब्लॉक कर देते हैं. तुषार रावत बताते हैं अगर जल्द बिजली व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो धान समेत दूसरी फसलें भी खराब हो सकती हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.












