हरियाणा के हिसार में RTI के नाम पर कथित वसूली का मामला सामने आया है, जहां सिटी थाना पुलिस ने एक व्यक्ति को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मनोज सिंधवानी के रूप में हुई है, जो खुद को RTI एक्टिविस्ट बताकर लोगों से पैसे मांगता था।
जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी
जानकारी के मुताबिक, गणेश मार्केट में मोबाइल शॉप चलाने वाले मुकेश ने पुलिस को शिकायत दी थी कि सेक्टर-14 के सामने बन रही उसकी बिल्डिंग को लेकर आरोपी उससे ₹1 लाख की मांग कर रहा था।
आरोप है कि पैसे न देने पर वह RTI लगाकर बिल्डिंग सील करवाने की धमकी दे रहा था। इससे परेशान होकर व्यापारी ने मामले की जानकारी एसपी हिसार को दी, जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को शुक्रवार देर रात रंगे हाथ पकड़ लिया।
पुलिस खंगाल रही नेटवर्क
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी अकेला काम कर रहा था या इसके पीछे कोई पूरा गिरोह सक्रिय है।
यह भी पता लगाया जा रहा है कि वसूली की रकम किन-किन लोगों में बांटी जाती थी और नगर निगम से जुड़े कौन-कौन लोग इस नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं।
गिरफ्तारी के समय गिड़गिड़ाता रहा आरोपी
पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी गिड़गिड़ाता नजर आया और अपने परिवार का हवाला देता रहा, लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
अब आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उससे और खुलासे किए जा सकें।
पहले भी आ चुका है नाम
यह पहला मामला नहीं है जब मनोज सिंधवानी पर ऐसे आरोप लगे हों। करीब 9 महीने पहले भी हांसी में एक इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी से अवैध वसूली का मामला सामने आया था, जिसमें उसने ₹7 हजार की मांग की थी।
उस समय भी आरोपी ने मकान निर्माण को लेकर शिकायत की धमकी देकर पैसे लिए थे और व्यापारी ने थाने में केस दर्ज कराया था।
RTI के नाम पर वसूली पर सवाल
इस घटना के बाद RTI जैसे कानून के दुरुपयोग को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक ओर यह कानून पारदर्शिता के लिए बनाया गया है, वहीं कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल कर वसूली का जरिया बना रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है।












