हरियाणा के किसानों को बड़ी राहत, 2026 से मिलेंगे सोलर पंप, ऐसे उठाएं इस योजना का फायदा

On: December 31, 2025 10:34 AM
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हरियाणा के किसानों को बड़ी राहत

हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत दी है। योजना के अंतर्गत 12 श्रेणियों में करीब 8050 सोलर पंप लगाने के लिए आवेदन मांगे गए थे। किसानों ने 29 दिसंबर तक सरल पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया। अब सरकार इन सभी आवेदनों की गहन जांच करेगी और जिन आवेदनों में त्रुटियां पाई जाएंगी, वहां किसानों को सुधार का एक और मौका दिया जा सकता है। इसके बाद वर्ष 2026 से सोलर पंप अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी है।

75 प्रतिशत अनुदान पर 3 HP और 10 HP सोलर पंप

किसानों ने इस योजना के तहत 3 हॉर्स पावर (HP) और 10 HP क्षमता वाले सोलर पंप के लिए आवेदन किए हैं। इन पंपों पर सरकार की ओर से 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जिससे किसानों की सिंचाई लागत में भारी कमी आएगी और बिजली पर निर्भरता भी कम होगी।

बिजली कनेक्शन वाले किसानों को मिलेगी प्राथमिकता

प्रदेश सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जिन किसानों के पास मौजूदा बिजली आधारित ट्यूबवेल कनेक्शन हैं, उन्हें सोलर पंप कनेक्शन के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि इसके लिए किसानों को अपना पुराना बिजली कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
इसके अलावा वर्ष 2019 से 2023 के बीच बिजली आधारित ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले किसान भी इस योजना में प्राथमिकता के दायरे में रहेंगे।

आय और भूमि के आधार पर होगा लाभार्थियों का चयन

सरकारी जानकारी के अनुसार, इस वर्ष लक्षित लाभार्थियों का चयन परिवार की वार्षिक आय और भूमि धारण क्षमता के आधार पर किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ वास्तविक और जरूरतमंद किसानों तक पहुंचे।

भूजल स्तर के आधार पर सोलर पंप का आवंटन

सोलर पंप अलॉट करते समय सरकार भूजल की स्थिति को भी ध्यान में रखेगी। हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण (HWRA) के सर्वेक्षण के अनुसार—

  • जिन गांवों में भूजल स्तर 100 फीट से नीचे चला गया है, वहां सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली (ड्रिप/स्प्रिंकलर) को अनिवार्य कर दिया गया है।

  • धान उगाने वाले किसान, जिनके क्षेत्र में HWRA की रिपोर्ट के अनुसार भूजल स्तर 40 मीटर से नीचे चला गया है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।

कुसुम योजना: जरूरी शर्तें एक नजर में

बिंदुविवरण
कुल सोलर पंपलगभग 8050
अनुदान75 प्रतिशत
क्षमता3 HP और 10 HP
प्राथमिकताबिजली कनेक्शन वाले किसान
चयन आधारआय और भूमि धारण
भूजल शर्त100 फीट से नीचे माइक्रो इरिगेशन अनिवार्य

किसानों के लिए क्या है फायदा

इस योजना से किसानों को कम लागत में सिंचाई, बिजली बिल से राहत और पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में हरियाणा में ऊर्जा आधारित खेती को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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