Haryana News: हरियाणा में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। हरियाणा हाउसिंग बोर्ड ने राज्य के 26 शहरों में फ्लैट और आवासीय संपत्तियों की ई-नीलामी का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस प्रक्रिया के तहत इच्छुक खरीदार ऑनलाइन बोली लगाकर फ्लैट और अन्य आवासीय संपत्तियां खरीद सकेंगे।
सरकार द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार फरवरी, मार्च और अप्रैल 2026 में हर महीने दो-दो बार ई-नीलामी आयोजित की जाएगी। यह नीलामी पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
इन शहरों में होगी ई-नीलामी, जानिए पूरी तारीख
| तारीख | शहर |
|---|---|
| 18 फरवरी 2026 | अंबाला, यमुनानगर, अलीपुर, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोहना, रेवाड़ी, धारूहेड़ा |
| 25 फरवरी 2026 | फतेहाबाद, रोहतक, हिसार, झज्जर, रतिया, सिरसा, टोहाना, घरौंडा, कैथल, करनाल, नरवाना, पानीपत |
| 9 मार्च 2026 | अंबाला, यमुनानगर, अलीपुर, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोहना, रेवाड़ी, धारूहेड़ा |
| 17 मार्च 2026 | फतेहाबाद, रोहतक, हिसार, झज्जर, रतिया, सिरसा, टोहाना, घरौंडा, कैथल, करनाल, नरवाना, पानीपत |
| 1 अप्रैल 2026 | अंबाला, यमुनानगर, अलीपुर, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोहना, रेवाड़ी, धारूहेड़ा |
| 15 अप्रैल 2026 | फतेहाबाद, रोहतक, हिसार, झज्जर, रतिया, सिरसा, टोहाना, घरौंडा, कैथल, करनाल, नरवाना, पानीपत |
बयाना राशि जमा करने का नियम
ई-नीलामी में भाग लेने के लिए इच्छुक खरीदारों को निर्धारित बयाना राशि ई-ऑक्शन से एक दिन पहले शाम 5 बजे तक जमा करनी होगी। बयाना राशि जमा होने के बाद ही बोली लगाने की अनुमति मिलेगी।
फ्लैट बिक्री प्रक्रिया की शुरुआत, बड़ा प्रशासनिक बदलाव भी
हरियाणा सरकार ने हाउसिंग बोर्ड का विलय हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में करने का निर्णय लिया है। इसके तहत बोर्ड के विभिन्न श्रेणियों के फ्लैट और आवासीय संपत्तियों की बिक्री प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सभी संबंधित संपदा कार्यालयों को संपत्तियों का पूरा विवरण भेज दिया गया है।
इस कदम से राज्य में लंबे समय से खाली पड़े फ्लैट और आवासीय यूनिट्स की बिक्री को गति मिलेगी और आम लोगों को किफायती दरों पर घर खरीदने का मौका मिलेगा।
आम लोगों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह नीलामी
इस ई-नीलामी से उन लोगों को फायदा मिलेगा जो सरकारी दरों पर फ्लैट खरीदना चाहते हैं। साथ ही ऑनलाइन प्रक्रिया होने से पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में आवासीय विकास को गति देने और सरकारी संपत्तियों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।










