Hydrogen Train News: हरियाणा के जींद या सोनीपत रूट पर शुरू होने वाली हाइड्रोजन ट्रेन इंडियन रेलवे के इतिहास में नया अध्याय लिखने जा रही है. 17 जुलाई की सुबह पीएम द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद ही भारतीय रेलवे अब एक नए युग में प्रवेश कर जाएगी. भले ही ये पहली ट्रेन है जो कि डीजल या बिजली से नहीं, बल्कि पानी (हाइड्रोजन) से दौड़ेंगी, लेकिन ये जल्द ही भारतीय रेलवे की दिशा और दशा को बदल देगी. जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली यह ट्रेन न सिर्फ प्रदूषण मुक्त होगी, बल्कि इसका किराया और सफर का समय जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. चलिए जानते हैं इसका रूट और किराया.
इन स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन
उत्तर रेलवे के जींद-सोनीपत सेक्शन पर चलने वाली इस ट्रेन के रूट में 6 मुख्य स्टेशन रहेंगे. यह रूट जींद जंक्शन, गोहाना जंक्शन और सोनीपत को जोड़ेगा. इसके अलावा रास्ते में इन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन-
जींद–सोनीपत रेल रूट
- जींद जंक्शन
- जींद सिटी
- पांडु पिंडारा जंक्शन
- ललित खेड़ा हॉल्ट
- भंभेवा
- ईसापुर खेड़ी हॉल्ट
- बुटाना हॉल्ट
- खंडराय हॉल्ट
- रभड़ा हॉल्ट
- लाठ हॉल्ट
- मोहाना
- बड़वासनी हॉल्ट
- सोनीपत न्यू
- सोनीपत
89 KM मात्र एक घंटे में
अब तक जींद से सोनीपत (89 किलोमीटर) जाने में यात्रियों को काफी समय लगता था. मौजूदा समय में इस रूट पर चलने वाली DMU (डीजल) ट्रेन लगभग दो घंटे का समय लेती है. वहीं, सड़क मार्ग से भी यह दूरी तय करने में डेढ़ घंटा लग जाता है. लेकिन नई हाइड्रोजन ट्रेन इस 89 किमी के सफर को मात्र 1 घंटे में पूरा कर लेगी.
सबसे बड़ी बात इसका किराया है. इतनी हाईटेक ट्रेन होने के बावजूद आम आदमी की जेब का पूरा ख्याल रखा गया है. इस ट्रेन का न्यूनतम किराया मात्र 5 रुपये और अधिकतम किराया सिर्फ 25 रुपये तय किया गया है. इतने कम पैसे में इतनी तेज और आरामदायक यात्रा किसी सपने से कम नहीं है.
इस ट्रेन की खासियत
इस पूरी ट्रेन को बनाने में 89 करोड़ रुपये की लागत आई है. इसमें कुल 10 कोच लगाए गए हैं, जिनमें 8 पैसेंजर कोच और 2 हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार शामिल हैं. इस ट्रेन में एक साथ 2500 से 2600 यात्री सफर कर सकते हैं. यह इसे दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोजन यात्री ट्रेनों में से एक बनाता है, क्योंकि वर्तमान में वैश्विक स्तर पर चल रही अधिकांश हाइड्रोजन ट्रेनों में केवल दो से चार कोच ही होते हैं.
हाईड्रोजन ट्रेन के अंदर की खास तस्वीरें
स्पीड और सुरक्षा के शानदार फीचर्स
- रफ्तार: शुरुआत में यह ट्रेन जींद-सोनीपत रूट पर 75 किमी प्रति घंटे (kmph) की अधिकतम गति से चलेगी. हालांकि, इसे 110 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड के लिए डिजाइन किया गया है.
- इको-फ्रेंडली: यह ट्रेन ओवरहेड इलेक्ट्रिक तारों या डीजल इंजन पर निर्भर रहने के बजाय हाइड्रोजन का उपयोग करके अपनी बिजली खुद बनाएगी. इससे केवल पानी की भाप और हल्की गर्मी निकलेगी, यानी प्रदूषण जीरो.
- बेहद शांत और सुरक्षित: पारंपरिक डीजल ट्रेनों की तुलना में यह ट्रेन काफी शांत (आवाज रहित) होगी. यात्रियों की सुरक्षा के लिए इसमें हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर, फ्लेम डिटेक्टर और कंटीन्यूअस मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे आधुनिक सेफ्टी फीचर्स लगाए गए हैं.
- भारतीय रेलवे ने अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99% विद्युतीकरण पूरा कर लिया है और अब यह हाइड्रोजन ट्रेन देश के स्वच्छ और हरित परिवहन (Green Energy) की दिशा में सबसे बड़ा कदम है.
हाइड्रोजन ट्रेन किस रूट पर चलेगी और इसका किराया कितना होगा?
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा में जींद से सोनीपत रूट (89 किमी) पर चलेगी. इसका न्यूनतम किराया 5 रुपये और अधिकतम किराया 25 रुपये होगा.
जींद से सोनीपत पहुंचने में इस ट्रेन को कितना समय लगेगा?
यह ट्रेन जींद से सोनीपत का 89 किलोमीटर का सफर मात्र 1 घंटे में पूरा करेगी, जबकि मौजूदा डीएमयू ट्रेन 2 घंटे और सड़क मार्ग से डेढ़ घंटा लगता है.
इस हाइड्रोजन ट्रेन की क्षमता और लागत कितनी है?
89 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस ट्रेन में 10 कोच (8 पैसेंजर, 2 पावर कार) हैं और इसमें एक साथ लगभग 2500 से 2600 लोग सफर कर सकते हैं.
इस ट्रेन की टॉप स्पीड कितनी होगी?
शुरुआत में इस ट्रेन को 75 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से चलाया जाएगा, लेकिन इसे 110 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड के लिए डिजाइन किया गया है.













