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फरीदाबाद के बल्लभगढ़ के पास स्थित मलेरना गांव अपनी बेहतर कनेक्टिविटी और बढ़ते विकास के कारण प्रॉपर्टी खरीदारों की पसंद बनता जा रहा है. यहां एग्रीकल्चर लैंड, रेजिडेंशियल प्लॉट और कमर्शियल जमीन की कीमतों में तेजी आई है. हालांकि, कृषि भूमि खरीदने से पहले CLU और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी लेना बेहद जरूरी है.
फरीदाबाद: फरीदाबाद में पिछले कुछ समय से प्रॉपर्टी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. शहर के कई इलाकों में प्लॉट और मकान की कीमतें इतनी बढ़ चुकी हैं कि मिडिल क्लास परिवार के लिए अपना घर खरीदना आसान नहीं रहा. ऐसे में लोग अब उन गांवों की तरफ रुख कर रहे हैं जो शहर से बिल्कुल जुड़े हुए हैं और जहां रोजमर्रा की सभी सुविधाएं भी आसानी से मिल जाती हैं. बल्लभगढ़ के पास स्थित मलेरना गांव भी ऐसा ही एक इलाका है, जहां शहर जैसी कनेक्टिविटी होने की वजह से लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है.
मुंबई एक्सप्रेसवे और मथुरा रोड से शानदार कनेक्टिविटी
Local18 से बातचीत में विजय ऋषि मलिक बताते हैं कि मलेरना गांव आज के समय में काफी अच्छी लोकेशन पर है. गांव की सबसे बड़ी खासियत इसकी कनेक्टिविटी है. यहां से मुंबई एक्सप्रेसवे और मथुरा रोड दोनों आसानी से जुड़े हुए हैं. इसके अलावा आसपास सेक्टर-141 और सेक्टर-142 विकसित हो रहे हैं, जिससे आने वाले समय में इस इलाके की अहमियत और बढ़ने की उम्मीद है.
जानिए कृषि, रेजिडेंशियल और कमर्शियल जमीन के रेट
विजय ऋषि मलिक के अनुसार सामान्य लोकेशन पर कृषि भूमि का रेट करीब 1 करोड़ 90 लाख रुपये प्रति एकड़ है. वहीं प्राइम लोकेशन और मुख्य सड़क से जुड़ी कृषि भूमि की कीमत करीब 2 करोड़ 66 लाख रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच जाती है. गांव में रेजिडेंशियल प्लॉट का रेट करीब 12,200 रुपये प्रति गज है, जबकि कमर्शियल जमीन का रेट लगभग 36,000 रुपये प्रति गज चल रहा है. अच्छी कनेक्टिविटी वाली जमीन की मांग सबसे ज्यादा बनी हुई है.
निवेश से पहले CLU और कानूनी प्रक्रिया समझना जरूरी
विजय ऋषि मलिक बताते हैं कि सेक्टर-141 और सेक्टर-142 में भविष्य में रेरा प्रोजेक्ट आने की संभावना है. यदि कोई अभी कृषि भूमि खरीदता है तो उसका रेजिडेंशियल उपयोग सीधे नहीं किया जा सकता. इसके लिए पहले CLU (चेंज ऑफ लैंड यूज) की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. CLU मिलने के बाद ही जमीन का उपयोग मकान बनाने या अन्य रिहायशी कार्यों के लिए किया जा सकता है. हालांकि गांव की आबादी क्षेत्र के भीतर उपलब्ध प्लॉट खरीदे जा सकते हैं.
मेट्रो, रेलवे स्टेशन और अस्पताल जैसी सुविधाएं हैं पास
मलेरना गांव में रहने वालों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ता. गांव से करीब 3 से 4 किलोमीटर की दूरी पर मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन मौजूद हैं. सरकारी अस्पताल करीब 3 किलोमीटर दूर है और बल्लभगढ़ का मुख्य बाजार भी नजदीक है. गांव के भीतर सरकारी स्कूल भी मौजूद है. यही वजह है कि मलेरना गांव उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प बनता जा रहा है, जो शहर के पास रहना चाहते हैं लेकिन अपेक्षाकृत कम बजट में प्रॉपर्टी की तलाश कर रहे हैं. विजय मलिक बताते हैं 1 एकड़ में करीब 4840 गज होते हैं.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…
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