हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट 2026-27 में कुरुक्षेत्र जिले को 15 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात दी है। इन परियोजनाओं में सड़क, स्वास्थ्य, खेल और शहरी विकास से जुड़े अहम काम शामिल हैं। सरकार ने इन योजनाओं को इसी वित्त वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य भी तय किया है।
कैथल से यमुनानगर तक फोरलेन हाईवे
बजट में सबसे बड़ी घोषणा कैथल से यमुनानगर तक मार्ग को फोरलेन बनाने की है। इस परियोजना के तहत एमडीआर-119 कैथल से ढांड होते हुए कुरुक्षेत्र तक और स्टेट हाईवे-6 को कुरुक्षेत्र से लाडवा, रादौर होते हुए यमुनानगर तक चौड़ा किया जाएगा।
यह फोरलेन मार्ग NH-152D, NH-44 और अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और औद्योगिक व कृषि गतिविधियों को गति मिलेगी।
नया खेल स्टेडियम और खेल सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में नए खेल स्टेडियम के निर्माण की घोषणा भी की है। इससे युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी और जिला खेल मानचित्र पर और मजबूत होगा।
लाडवा और थानेसर में विश्राम गृह
थानेसर और लाडवा में नए विश्राम गृह बनाए जाएंगे। इससे प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों के दौरों के दौरान ठहरने की सुविधा बेहतर होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इस्माइलाबाद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में अपग्रेड किया जाएगा। पिहोवा के गांव थाना में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित होगा।
लाडवा में डायलिसिस केंद्र की स्थापना की जाएगी, जबकि शाहाबाद में ESI डिस्पेंसरी बनाई जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को जिला मुख्यालय तक जाने की जरूरत कम होगी।
HSVP के नए सेक्टर
पिहोवा और लाडवा में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के दो नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। इससे शहरी विस्तार और रियल एस्टेट गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
थानेसर से कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कैथल-यमुनानगर फोरलेन हाईवे की घोषणा का स्वागत किया, लेकिन बजट को घाटे का बजट बताया। उन्होंने कहा कि बजट में 34 प्रतिशत कर्ज लेने का प्रावधान है, जबकि करीब 30 प्रतिशत राशि ब्याज और मूलधन की किस्त चुकाने के लिए निर्धारित की गई है।
कुल मिलाकर, कुरुक्षेत्र जिले के लिए घोषित ये परियोजनाएं सड़क कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाओं और शहरी विकास को नई दिशा दे सकती हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि इन प्रोजेक्ट्स पर काम कितनी तेजी से शुरू होता है और तय समय में कितना पूरा हो पाता है।













