अंबाला: हरियाणा के कई जिलों और आसपास के इलाकों में अजगर निकलने की घटनाएं लगातार सामने आने से लोगों में चिंता बढ़ रही है. वहीं हाल ही में अंबाला में एक गाड़ी से अजगर निकलने की घटना सामने आई थी, अब नारायणगढ़ के गांव फतेहपुर में सड़क के बीचों-बीच एक विशालकाय अजगर मिलने से हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि अजगर की लंबाई 13 फीट से ज्यादा और वजन करीब 99 किलो था. जिस रास्ते पर यह अजगर मिला, वहां से स्कूली बच्चों और किसानों का भी आना-जाना लगा रहता है. सूचना मिलते ही वन्यजीव विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया. बाद में उसे मोरनी के जंगलों में छोड़ दिया गया.
वहीं वन्यजीव विभाग के सदस्य भरत कुमार ने लोकल 18 को बताया कि वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर आकाश चहल को गांव फतेहपुर में सड़क पर अजगर होने की सूचना मिली थी. एक किसान जब वहां से गुजर रहा था, तो उसने सड़क के बीचों-बीच विशालकाय अजगर को लेटे हुए देखा.
3 से 4 घंटे के बाद रेस्क्यू
इसके बाद किसान ने ग्राम पंचायत और सरपंच को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद वन्यजीव विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया. भरत कुमार के अनुसार, अजगर काफी बड़ा और फुर्तीला था, ऐसे में उसे सुरक्षित पकड़ना टीम के लिए चुनौती बन गया. उन्होंने बताया कि वन्यजीव विभाग में करीब 14 साल के अनुभव के दौरान उन्होंने पहली बार इतना बड़ा अजगर देखा है. रेस्क्यू के दौरान टीम की प्राथमिकता उसे बिना चोट पहुंचाए सुरक्षित पकड़ना था और 3 से 4 घंटे के बाद उसे रेस्क्यू किया गया.
अचानक लोगों के सामने आ गया अजगर
वहीं भरत कुमार ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार, यह अजगर पिछले करीब 10 दिनों से गांव के आसपास दिखाई दे रहा था. उसे देखते ही लोग डरकर इधर-उधर भाग जाते थे और अजगर आसपास छिप जाता था. ग्रामीणों ने एक घटना के बारे में भी बताया, जिसमें दो लोग बाइक से जा रहे थे और अचानक अजगर सामने आ गया.
उन्होंने बताया कि इस दौरान एक व्यक्ति गिर गया, जबकि दूसरा वहां से भाग निकला ओर ऐसे में अजगर ने एक व्यक्ति की टांग में अपनी पूंछ लपेट ली थी. व्यक्ति ने काफी मुश्किल से खुद को छुड़ाया और गांव पहुंचकर सरपंच को इसकी सूचना दी.
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
अंबाला में हाल ही में गाड़ी से अजगर निकलने की घटना के बाद अब गांव में इतने बड़े अजगर का मिलना चर्चा का विषय बना हुआ है. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने लोगों का ध्यान वन्यजीवों की मौजूदगी और उनके सुरक्षित रेस्क्यू की जरूरत की ओर खींचा है. हालांकि, इन घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है. ग्रामीण इलाकों में खेतों, खाली जगहों और रास्तों के आसपास वन्यजीव दिखाई देने पर सतर्क रहना जरूरी है.
अजगर को मारने की कोशिश ना करें
भरत कुमार ने बताया कि रेस्क्यू के बाद अजगर को पंचकूला के पास मोरनी के जंगलों में सुरक्षित छोड़ दिया गया. उन्होंने इसकी उम्र करीब 60 वर्ष होने का अनुमान भी जताया और उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर किसी गांव, सड़क या गाड़ी में अजगर दिखाई दे, तो उसे खुद पकड़ने या मारने की कोशिश न करें. तुरंत वन्यजीव विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर उसका सुरक्षित रेस्क्यू कर सके. उन्होंने कहा कि डर के कारण किसी वन्यजीव को नुकसान पहुंचाने के बजाय सावधानी बरतना और विभाग को जानकारी देना जरूरी है.










