हरियाणा के करनाल में बुधवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने की। बैठक में कुल 13 शिकायतें सुनवाई के लिए रखी गईं। इनमें से 7 शिकायतों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि 6 शिकायतों को अगली बैठक तक पेंडिंग रखा गया है। लेकिन इस बैठक में सबसे बड़ा मामला अमुपुर और सांभली गांव से सामने आया, जिसने प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।
गैर-मुमकिन जमीन को गलत तरीके से रजिस्टर करवाने पर पटवारी सस्पेंड
बैठक में जिस शिकायत पर सबसे अधिक चर्चा हुई, वह गैर-मुमकिन (गैर-खेती योग्य) जमीन को खेती योग्य दिखाकर गलत तरीके से रजिस्ट्रेशन कराने से जुड़ी थी। मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि अमुपुर और सांभली गांव की भूमि खेती योग्य नहीं थी। नियम के अनुसार ऐसी जमीन को सिस्टम में “गैर-मुमकिन” दर्ज करके लॉक किया जाना आवश्यक होता है, ताकि उसका रजिस्ट्रेशन न हो सके।
लेकिन संबंधित पटवारी ने यह प्रक्रिया पूरी ही नहीं की। आरोप है कि उसने गैर-मुमकिन भूमि को जीरी दिखाकर गलत तरीके से रजिस्ट्रेशन कर दिया। इस लापरवाही और नियमों की अवहेलना को मंत्री ने बेहद गंभीर माना और तुरंत प्रभाव से पटवारी को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए। मंत्री गंगवा ने साफ कहा कि जमीन संबंधी मामलों में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लीज के नाम पर गड़बड़ी, सरपंच ने कर दिया ओटीपी वेरिफाई
यह जमीन ईश्वर सिंह नामक व्यक्ति द्वारा पंचायत से लीज पर ली गई थी। लीज प्रक्रिया में जो ओटीपी आता है, वह सरपंच को भेजा जाता है। जानकारी के अनुसार सरपंच ने बिना पूरी जांच-पड़ताल किए उस ओटीपी को सत्यापित कर दिया, जिससे गलत रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ गई।
मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि जमीन का गलत रिकॉर्ड तैयार करवाने में पटवारी की भूमिका सबसे अधिक संदिग्ध है। इसी वजह से उसके खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई की गई। साथ ही, सरपंच की भी भूमिका की जांच की जाएगी।
ईश्वर सिंह से होगी रिकवरी, FIR की दी गई चेतावनी
बैठक में मंत्री गंगवा ने यह भी स्पष्ट किया कि गलत तरीके से किए गए लेन-देन और रजिस्ट्रेशन के लिए ईश्वर सिंह से पूरी रिकवरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रक्रियाओं में धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि ईश्वर सिंह रिकवरी देने से इंकार करता है या भुगतान में देरी करता है, तो उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी और कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
यह मामला दिखाता है कि हरियाणा सरकार जमीन संबंधी गड़बड़ियों को लेकर अब और सख्त रुख अपनाने जा रही है।













